नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए लगातार चौथे वर्ष मिली उपलब्धि
संवाददाता जावेद अब्बासी
मेरठ। नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर आईआईएमटी विश्वविद्यालय को शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की रैंकिंग में चार स्टार रैंकिंग मिली है। विश्वविद्यालय को लगातार चौथे वर्ष यह उपलब्धि हासिल हुई है।
कुलपति डॉ. दीपा शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करा रहा है। विश्वविद्यालय का बिजनेस इनक्यूबेटर उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्ट-इन-यूपी नीति और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत मान्यता प्राप्त है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को स्टार्टअप शुरू करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन एवं सहयोग दिया जा रहा है।
कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता ने चार स्टार रैंकिंग मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजनेस इनक्यूबेटर विद्यार्थियों को अपने नए विचारों को स्टार्टअप में बदलने में मदद कर रहा है।
प्रति कुलाधिपति डॉ. मयंक अग्रवाल ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए भी प्रेरित किया जाना जरूरी है।
कई रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने बनाई पहचान
आईआईएमटी विश्वविद्यालय ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग फॉर इनोवेशन में भी विभिन्न श्रेणियों में उपलब्धियां हासिल की हैं। इसके अलावा एजुकेशन वर्ल्ड रैंकिंग 2026, आईआईआरएफ रैंकिंग, आर-वर्ल्ड इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग और एम्प्लॉयबिलिटी एंड स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग समेत विभिन्न रैंकिंग में विश्वविद्यालय को स्थान मिला है।
विश्वविद्यालय को आईआईआरएफ रैंकिंग 2025 में निजी विश्वविद्यालयों में स्टेट रैंक और वर्ष 2024 की रैंकिंग में उभरते निजी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में भी उपलब्धि मिली थी। इसके अलावा क्यूएस आई-गेज की ओर से शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए ‘इंस्टीट्यूशन ऑफ हैप्पीनेस’ के रूप में भी सम्मानित किया गया है।


