वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू, रूस-कजाकिस्तान समेत देशभर से 400 से अधिक शिक्षाविद और शोधार्थी पहुंचे
संवाददाता जावेद अब्बासी
मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय में बुधवार को ‘एआई, लोकनीति एवं सतत विकास से विकसित भारत-2047’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हुई। भारत सरकार के इंडियन काउंसिल फॉर सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर) और वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में रूस और कजाकिस्तान से आए प्रतिनिधियों समेत देशभर के शिक्षाविद, नीति विशेषज्ञ, प्रोफेशनल्स और युवा शोधार्थी शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार 400 से अधिक लोगों ने इसमें प्रतिभाग किया।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि रूस के अरिफवेव एलेक्सी द्रोविच, डॉ. ओल्गा बुग्रासोवा, पद्मश्री डॉ. रविकांत, पूर्व कुलपति प्रो. वीपीएस अरोड़ा, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी और कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने कहा कि भारत युवा शक्ति, तकनीक, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बेहतर काम के जरिए भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
प्रो. वीपीएस अरोड़ा ने किसान, युवा शक्ति, महिला सशक्तीकरण और उच्च शिक्षा को देश की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। वहीं डॉ. ओल्गा बुग्रासोवा ने सुशासन, बुनियादी ढांचे और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को विकास के लिए जरूरी बताया।
डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में काम करने से देश को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। पद्मश्री डॉ. रविकांत ने शिक्षा और स्वास्थ्य को मानव जीवन की बुनियादी जरूरत बताया।
कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रिसर्च और पर्यावरण संतुलन के साथ एआई के प्रभावी उपयोग पर ध्यान देने की जरूरत है।
इस दौरान प्रो. विष्णु शर्मा, सीए युवराज सिंह, डॉ. एसआर मालू, आरएस शर्मा, प्रो. पीयूष कुमार पांडेय, नसीम अख्तर, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. नीतू पंवार, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. आशुतोष, डॉ. राजवर्धन, डॉ. योगेश्वर, डॉ. स्नेहलता गोस्वामी, डॉ. प्रीति मिश्रा, डॉ. भूपेश गोयल, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. मोहित शर्मा सहित शिक्षक और अन्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. शिल्पा रैना और डॉ. आशिया वाहिद की भूमिका रही।


