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उत्तर प्रदेश

मेरठ में पुराने वाहनों पर सख्ती, सड़क और पार्किंग में मिले तो होंगे जब्त

मेरठ में पुराने वाहनों पर सख्ती, सड़क और पार्किंग में मिले तो होंगे जब्त

10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल-सीएनजी वाहनों पर कार्रवाई, एआरटीओ प्रशासन विकास कुमार यादव ने वाहन स्वामियों को किया सतर्क

बुलंद संदेश ब्यूरो:जावेद अब्बासी 

मेरठ। दिल्ली-एनसीआर में पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के संचालन पर रोक के तहत मेरठ में भी परिवहन विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) विकास कुमार यादव की ओर से वाहन स्वामियों, परिवहन ऑपरेटरों और आम नागरिकों को इस संबंध में सूचना जारी की गई है।

विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल व सीएनजी वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लागू है। निर्धारित श्रेणी में आने वाले ऐसे वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।

विकास कुमार यादव ने बताया कि कार्रवाई केवल सड़क पर चलने वाले वाहनों तक सीमित नहीं रहेगी। यदि कोई निर्धारित अवधि पूरी कर चुका वाहन सार्वजनिक स्थान या साझा पार्किंग में खड़ा पाया जाता है तो उसे भी संबंधित प्रवर्तन एजेंसी द्वारा जब्त किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि एनसीआर में पंजीकृत नहीं होने वाला कोई पुराना वाहन भी यदि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई के साथ 5,000 रुपये का चालान किया जा सकता है।

स्वेच्छा से स्क्रैप कराने पर मिलेगा लाभ

एआरटीओ प्रशासन ने वाहन स्वामियों से अपील की कि वे समय रहते वाहन पोर्टल पर उपलब्ध अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (आरवीएसएफ) केंद्रों की जानकारी लेकर अपने पुराने वाहनों को स्वेच्छा से स्क्रैप कराएं।

स्वेच्छा से वाहन स्क्रैप कराने पर बाजार दर के अनुसार वाहन की कीमत प्राप्त होगी और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीओडी) जारी किया जाएगा। निर्धारित नियमों के तहत इस प्रमाण-पत्र के आधार पर नए वाहन की खरीद पर पंजीकरण शुल्क तथा मोटर वाहन कर में छूट का लाभ भी मिल सकता है।

जब्ती की स्थिति में नहीं मिलेगा प्रोत्साहन

विकास कुमार यादव ने बताया कि यदि कोई वाहन प्रवर्तन अभियान के दौरान जब्त कर आरवीएसएफ को सौंपा जाता है तो उसके सीओडी पर निर्धारित प्रोत्साहन उपलब्ध नहीं होगा। ऐसी स्थिति में वाहन स्वामी को निर्धारित न्यूनतम आरक्षित मूल्य के आधार पर राशि प्राप्त होगी। इसके अलावा नियमों के अनुसार टोइंग और पार्किंग शुल्क भी काटा जा सकता है।

उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की कि वे समय रहते अपने वाहनों की स्थिति की जांच करें और निर्धारित अवधि पूरी कर चुके वाहनों को अधिकृत आरवीएसएफ केंद्र पर स्क्रैप कराकर अनावश्यक आर्थिक नुकसान से बचें।