चार बार समझौता वार्ता के बाद भी नहीं बनी बात, एसएसपी से मुकदमा दर्ज कराने की मांग
सरधना। पति की मौत के बाद विवाहिता ने ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज उत्पीड़न और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि परिवार परामर्श केंद्र में चार बार समझौता वार्ता हुई, लेकिन ससुराल पक्ष ने उसे साथ रखने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसकी पत्रावली बंद कर दी गई। महिला ने एसएसपी से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई कराने की मांग की है।
मंढियाई कमरुद्दीन नगर निवासी शाहीन ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी शादी 29 सितंबर 2016 को खिर्वा जलालपुर निवासी शाहरूख के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी में मायके पक्ष ने करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे। घरेलू सामान, सोने-चांदी के जेवर, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोटरसाइकिल और नकदी भी दी गई थी।
शाहीन का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष के लोग कम दहेज लाने का ताना देने लगे। वे दो लाख रुपये नकद और चार पहिया वाहन की मांग करते थे। महिला के अनुसार, पति से इसकी शिकायत करने पर शुरुआत में उन्होंने उसे परिवार की बातों पर ध्यान नहीं देने के लिए कहा था। दंपती के दो बेटे हैं, जो फिलहाल उसके पास हैं।
प्रार्थना पत्र के मुताबिक, पति ने ससुराल के पास 50 गज का प्लॉट लिया था। उसके निर्माण के लिए मायके से करीब डेढ़ लाख रुपये भी लिए गए थे। महिला ने आरोप लगाया कि पति की तबीयत खराब होने और काला पीलिया होने पर उनका उचित इलाज नहीं कराया गया। 13 नवंबर 2025 को अस्पताल में पति की मौत हो गई।
महिला ने बताया कि उसने 18 जुलाई 2026 को एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। इसे परिवार परामर्श केंद्र भेजा गया, जहां चार बार समझौता वार्ता कराई गई। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उसे साथ रखने से साफ इनकार कर दिया और उसकी पत्रावली बंद कर दी गई। शाहीन का कहना है कि उसके आग्रह के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
महिला ने एसएसपी से संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने, रिपोर्ट दर्ज कराने और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने की मांग की है।इंस्पेक्टर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


