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उत्तर प्रदेश

श्रीराम चरित्र प्रदर्शन उत्सव का शुभारंभ, श्रवण कुमार की लीला ने मोहा मन

श्रीराम चरित्र प्रदर्शन उत्सव का शुभारंभ, श्रवण कुमार की लीला ने मोहा मन

कलाकारों ने माता-पिता की सेवा और पुत्र धर्म का दिया संदेश

बुलंद संदेश ब्यूरो:जावेद अब्बासी 

सरधना। श्रीराम चरित्र प्रदर्शन उत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद श्रीरामा मंडल राम तलैया मंदिर के कलाकारों ने श्रवण कुमार नाटक का मंचन किया। कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से माता-पिता की सेवा और पुत्र धर्म का संदेश दिया।

नाटक में दिखाया गया कि श्रवण कुमार अपने नेत्रहीन माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर तीर्थ यात्रा करा रहे थे। रास्ते में वह पानी भरने के लिए गए। घड़े में पानी भरने की आवाज सुनकर राजा दशरथ ने उसे जंगली जानवर समझ लिया और आवाज की दिशा में बाण चला दिया।

बाण लगने से श्रवण कुमार घायल हो गए। आवाज सुनकर राजा दशरथ उनके पास पहुंचे। श्रवण कुमार ने पूरी घटना बताते हुए अपने माता-पिता के लिए पानी ले जाने का आग्रह किया। इसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।

राजा दशरथ पानी लेकर श्रवण कुमार के माता-पिता के पास पहुंचे और उन्हें घटना की जानकारी दी। पुत्र की मृत्यु का समाचार सुनकर दोनों दुखी हो गए और उन्होंने राजा दशरथ को पुत्र वियोग में मृत्यु का श्राप दिया। इसके बाद दोनों ने भी अपने प्राण त्याग दिए।

श्रवण कुमार की लीला के मंचन ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इस दौरान रामलीला कमेटी के प्रधान मलखान सैनी, संयोजक शरद त्यागी, प्रदीप मित्तल, मूलचंद सैनी, वीरेंद्र सैनी, अजय त्यागी, मदन बंसल, सुशील कुमार, अभिषेक तथा रामा मंडल से महेंद्र सैनी, मुनेश पंडित, अनिल, सौराज, शुभम, सूर्यदेव त्यागी, प्रदीप बुद्धि राजा, नवीन बंसल और हिमांशु आदि मौजूद रहे।