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उत्तर प्रदेश

सरधना में ऑल इंडिया मुशायरे में शायरों ने बांधा समां

सरधना में ऑल इंडिया मुशायरे में शायरों ने बांधा समां

हाफिज अब्दुल शकूर सरधनवी और आगा खालिद शाह खार की याद में सजी महफिल, सुबह चार बजे तक चला शेर-ओ-शायरी का दौर

संवाददाता जावेद अब्बासी

सरधना।मेरठ रोड स्थित सिटी प्वाइंट में हाफिज अब्दुल शकूर सरधनवी और आगा खालिद शाह खार की याद में ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया गया। मुशायरे में देशभर से आए मशहूर शायरों और शायराओं ने अपने कलाम पेश कर खूब वाहवाही बटोरी। देर रात तक शेर-ओ-शायरी का दौर चलता रहा। श्रोताओं ने तालियों और वाह-वाह के साथ शायरों का उत्साह बढ़ाया। मुशायरे की महफिल सुबह करीब चार बजे तक जमी रही।मुशायरे का उद्घाटन सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, सांसद चंदन चौहान और पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी ने की, जबकि संचालन मशहूर शायर हिलाल बदायूंनी ने किया। शायरा शबीना अदीब ने नज्म पेश कर मुशायरे का आगाज किया।मुशायरे में शायर जमाल हसनपुरी ने अपना कलाम पेश करते हुए कहा, 'जज्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही, लगता है तुझको मुझसे मोहब्बत नहीं रही।' उनके इस शेर पर श्रोताओं ने खूब दाद दी। सलमान घोसवी ने भी अपने कलाम से महफिल में रंग जमाया। शायरा हिमांशी बावरा ने कहा, 'दिल इस तरह मुबतिला हुआ तेरे मलाल में, जुल्फें सफेद हो गईं उन्नीस साल में।' उनके शेर पर भी खूब तालियां बजीं।शायर नदीम शाद ने अपने कलाम में कहा, 'करम ये था कि भंवर से तो हम उभारे गए, सितम ये है कि किनारे पे लाकर मारे गए।' वहीं, मशकूर गोपालपुरी, वकार मुज्तर और अलीम वाजिद ने भी अपने अशआर पेश कर श्रोताओं की दाद हासिल की।प्रसिद्ध शायर चरण सिंह बशर ने कहा, 'सर उठाकर मत चलिए आज के जमाने में, जान जाती रहती है हौसला दिखाने में।' इसके बाद अज्म शाकरी ने जिंदगी के अनुभवों को शेरों में पिरोते हुए कहा, 'जितना तेरा हुक्म था उतनी संवारी जिंदगी, अपनी मर्जी से कहां हमने गुजारी जिंदगी।' उनके कलाम को भी श्रोताओं ने सराहा।शायरा शबीना अदीब ने अपनी नज्मों और कलाम से खूब वाहवाही बटोरी। मुशायरे के अंतिम दौर में मशहूर शायर इकबाल अशहर ने कहा, 'ले गईं दूर बहुत दूर हवाएं जिसको, वही बादल था मेरी प्यास बुझाने वाला।' उनके इस शेर पर भी महफिल तालियों से गूंज उठी।मुशायरा कन्वीनर ऐनुद्दीन शाह, सुहैल कुरैशी और केयर एंड शेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों ने अतिथियों, शायरों और श्रोताओं का आभार जताया। इस मौके पर सूर्यदेव त्यागी, अय्यूब गुर्जर, वकील गुर्जर, शरद त्यागी, हाजी इरशाद, हाजी इशाक, मोहम्मद अहमद, हाजी सन्नू खतौली, मशकूर खान, इरशाद, हाजी मन्नान, शहजाद मिर्जा, अजहर, प्रोफेसर नसीम, वसीम अल्वी, समेत अनेक लोग मौजूद रहे।