बड़े सपनों के साथ अनुशासन, धैर्य और एकाग्रता जरूरी, एडीजी क्वैसर खालिद ने विद्यार्थियों को लक्ष्य और सामाजिक जिम्मेदारी का दिया संदेश
बुलंद संदेश ब्यूरो:जावेद अब्बासी
मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय, गजरौला में ‘यूथ पावर: ड्रीम, डिसिप्लिन एवं लीडरशिप’ विषय पर विशेष प्रेरणादायी सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं एडीजी महाराष्ट्र पुलिस क्वैसर खालिद ने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन, धैर्य और एकाग्रता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्वैसर खालिद, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्ण कान्त दवे, प्रतिकुलपति डॉ. मानस रंजन पाणिग्राही, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) पीयूष कुमार पाण्डेय, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह और शाह आबिदी सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विश्वविद्यालय की ओर से मुख्य एवं विशेष अतिथि का शॉल और स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया।
वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का सकारात्मक उपयोग करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए युवाओं से ‘जोश के साथ होश’ में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अनुशासन, धैर्य और सही मार्गदर्शन के माध्यम से युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
मुख्य वक्ता क्वैसर खालिद ने मिलेनियल्स और जेनरेशन-जेड के सोचने और धैर्य रखने के तौर-तरीकों में अंतर पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में युवाओं के सामने नई चुनौतियां हैं। ऐसे में लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहते हुए जरूरत के अनुसार अपनी दिशा में बदलाव करना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को कॉलेज, पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि समाज से हमें जो कुछ मिलता है, उसमें अपना योगदान देकर समाज को वापस देना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने चरित्र, संवेदनशीलता, विश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. ज्योति सिंह ने किया। अंत में कुलसचिव प्रो. (डॉ.) पीयूष कुमार पाण्डेय ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रेरणादायी संवाद विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस दौरान वित्त निदेशक सीए युवराज सिंह, डॉ. राजेश सिंह, एचआर हेड कुलदीप सिंह, डॉ. नीतू पंवार, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. आशुतोष, डॉ. योगेश्वर, डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. ओमप्रकाश गोसाईं, डॉ. अश्विन सक्सेना, डॉ. पुष्पा मेहदू, एस.एस. बघेल, मेरठ परिसर से डॉ. पंकज सिंह और मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूलों के डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष, शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।


