मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से लेकर राजस्व वाद और विकास कार्यों की समीक्षा, लापरवाही पर जताई नाराजगी
संवाददाता जावेद अब्बासी
मेरठ।आयुक्त मेरठ मंडल भानु चन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयुक्त सभागार में कर-करेत्तर राजस्व, राजस्व वादों, मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने कार्यों और योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।
आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर संचालित योजनाएं शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। सभी विभागीय अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करें। जिन योजनाओं की रैंकिंग कम है, उनमें सुधार करते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य किया जाए।
कर एवं करेत्तर राजस्व की समीक्षा के दौरान उन्होंने राजस्व संग्रह को प्रभावी बनाने और लंबित राजस्व वादों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को समय पर राहत मिलेगी और राजस्व प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत होगा।
गौशालाओं की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने चारा, पानी, भूसा, साफ-सफाई और पशुओं के उपचार की उचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आवारा गोवंश को पकड़कर गौशालाओं में भेजने और नियमित निगरानी करने को भी कहा।
आयुक्त ने मुख्य विकास अधिकारियों को लाभार्थीपरक योजनाओं की नियमित समीक्षा करने, पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने और डाटा फीडिंग समय से व त्रुटिरहित पूरी कराने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में रिक्त आशा पदों पर जल्द नियुक्ति करने के साथ आशा कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण और मानदेय भुगतान समय से सुनिश्चित करने को कहा। बेहतर काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया।
निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड और सीएमआईएस के माध्यम से एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित समय में पूरे कराए जाएं और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
बैठक में पीएम सूर्य घर योजना, जननी सुरक्षा योजना, छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति, पोषण अभियान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना, पीएम कुसुम योजना, फार्मर रजिस्ट्री, प्रोजेक्ट अलंकार, 15वां वित्त आयोग, श्रम योगी मानधन योजना, एमएसएमई टूलकिट वितरण, पर्यटन विकास और सड़क निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
आयुक्त ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शिता, समयबद्धता और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मंडल के सभी जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर आयुक्त, संयुक्त विकास आयुक्त और संबंधित मंडलीय अधिकारी मौजूद रहे।


