बीट पुलिसकर्मियों को ग्राम प्रहरियों से बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश, महिला शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई पर जोर
बुलंद संदेश ब्यूरो:जावेद अब्बासी
मेरठ। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने गुरुवार को थाना परतापुर का वार्षिक निरीक्षण किया। उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मैस, बैरक, मालखाना, शस्त्रागार, मिशन शक्ति केंद्र और साइबर हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया। इसके साथ ही विवेचकों के अनुसार लंबित विवेचनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीआईजी ने ग्राम प्रहरियों से संवाद किया और उन्हें छोटी से छोटी घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बीट पुलिसकर्मियों को ग्राम प्रहरियों से लगातार संपर्क में रहने और सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के निर्देश दिए। बीट पुलिसकर्मियों को अपने क्षेत्र में दर्ज होने वाले मुकदमों और जेल में बंद आरोपियों की जानकारी रखने को भी कहा गया।
उन्होंने पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन के लिए लोगों को थाने नहीं बुलाने के निर्देश दिए। संबंधित उपनिरीक्षक और बीट पुलिसकर्मी मौके पर जाकर सत्यापन करें और प्रक्रिया 15 दिन से अधिक लंबित न रहे, यह सुनिश्चित करने को कहा।
महिला शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
मिशन शक्ति केंद्र के निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने पोर्टल और प्रार्थना पत्र रजिस्टर की जांच की। कुछ मामलों में निस्तारण के बाद भी रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने पर अधिकारियों को नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यूपी-112 पर मिलने वाली महिला संबंधी घटनाओं को मिशन शक्ति केंद्र के रजिस्टर में दर्ज किया जाए और शिकायतकर्ता से फोन पर फीडबैक भी लिया जाए।
महिला संबंधी शिकायत मिलने पर थाना प्रभारी उसे पहले मिशन शक्ति केंद्र पर सुनवाई के लिए भेजें। यूपी-112 से महिला संबंधी सूचना मिलने पर संबंधित बीट महिला पुलिसकर्मी के मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने सीओ और थाना प्रभारी को मिशन शक्ति केंद्र तथा एंटी रोमियो अभियान की नियमित समीक्षा करने को कहा। एंटी रोमियो टीम को स्कूल के समय और शाम के समय विशेष चेकिंग करने के निर्देश दिए गए।
जर्जर भवनों की पत्रावली तैयार करने को कहा
डीआईजी ने थानों के जर्जर भवनों की पत्रावली तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। थानों में पड़े अनावश्यक और खराब सामान को नियमानुसार निस्तारित करने तथा खराब उपकरणों को पुलिस लाइन भेजने को कहा।
मालखाने में रखे माल के निस्तारण में तेजी लाने, क्यूआर कोड के साथ माल संबंधी रजिस्टर का डिजिटलाइजेशन करने और पुराने रिकॉर्ड को नियमानुसार बीडआउट कराने के निर्देश भी दिए गए।
लंबित विवेचनाओं और एनबीडब्ल्यू पर निगरानी
डीआईजी ने छह माह से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने को कहा। थाने में प्राप्त गैर जमानती वारंट (NBW) की रोजाना निगरानी थाना प्रभारी स्वयं करें और लंबित वारंटों में अधिक से अधिक गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई जाए।
उन्होंने हिस्ट्रीशीटरों की नियमित निगरानी, सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों की सूची तैयार करने, जमीन संबंधी विवादों को चिह्नित कर समाधान दिवस में निस्तारित कराने और सजा कराने योग्य मामलों को चिन्हित करने के निर्देश दिए।
शस्त्रों की जानकारी और साफ-सफाई पर जोर
डीआईजी ने थानों में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को शस्त्रों की जानकारी देने और उनकी हैंडलिंग का अभ्यास कराने के निर्देश दिए। शस्त्रों की नियमित साफ-सफाई और मरम्मत पर भी जोर दिया गया। इस दौरान शस्त्रों की अच्छी जानकारी रखने वाले उपनिरीक्षक विपिन मिश्रा को पुरस्कृत किया गया।
उन्होंने थाने में अनुशासन और पुलिसकर्मियों के कल्याण पर भी ध्यान देने को कहा। सरकारी वाहनों का उचित रखरखाव करने और थाना परिसर को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति, एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले, एसपी देहात अभिजीत कुमार, क्षेत्राधिकारी ब्रह्मपुरी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।


