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आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर, चंदौसी तहसील बनी प्रदेश में नंबर वन

 

सम्भल (बहजोई)

कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवेंस रिड्रेसल सिस्टम) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों, डिफाल्टर संदर्भों और फीडबैक की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की शुरुआत में चंदौसी तहसील के आईजीआरएस रैंकिंग में प्रदेश में नंबर वन आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों की प्रशंसा की और निस्तारण की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी विभाग का डिफाल्टर संदर्भ पोर्टल पर प्रदर्शित न हो तथा सभी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

क्या है आईजीआरएस?

आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) उत्तर प्रदेश सरकार का ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी शिकायतें सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचा सकते हैं। पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की मॉनिटरिंग उच्च स्तर पर की जाती है और समयसीमा के भीतर निस्तारण अनिवार्य होता है। शिकायतकर्ता को निस्तारण के बाद संतुष्ट या असंतुष्ट फीडबैक देने का भी अवसर मिलता है, जिससे कार्य की गुणवत्ता का आकलन किया जाता है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रदीप वर्मा ने विभागवार संतुष्ट एवं असंतुष्ट फीडबैक की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस एवं हेल्पलाइन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका प्रभावी समाधान किया जाए।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि चंदौसी तहसील की कार्यप्रणाली को मॉडल मानते हुए अन्य तहसीलें भी उसी पैटर्न पर शिकायतों का निस्तारण करें, ताकि जनपद की रैंकिंग और बेहतर हो सके।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण पाठक, डिप्टी कलेक्टर निधि पटेल, डिप्टी कलेक्टर विकास चंद्र, डिप्टी कलेक्टर नीतू रानी, उप जिलाधिकारी संभल रामानुज, जिला अग्रणी प्रबंधक केनरा बैंक ललित कुमार राय, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत आशीष कुमार, आईजीआरएस पटल सहायक विलियम फातिमा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।