*चकमार्ग खुलवाने के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में लेखपाल निलंबित*
*जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच, तहसीलदार चंदौसी को सौंपी गई विस्तृत जांच*
*सम्भल (बहजोई)/ शाहवेज खान
मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की प्राथमिकताओं में शामिल जनसुनवाई कार्यक्रम के अंतर्गत आज जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के कार्यालय में तहसील चंदौसी के ग्राम चाटन निवासी प्रार्थी गजराम सिंह पुत्र होराम सिंह अपनी समस्या लेकर पहुंचे।
प्रार्थी द्वारा अवगत कराया गया कि ग्राम में चक मार्ग खुलवाने हेतु उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल राजवीर सिंह से अनुरोध किया था, किन्तु लेखपाल द्वारा चक मार्ग खुलवाने के स्थान पर उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। साथ ही प्रार्थी ने शिकायत की कि उक्त चक मार्ग खुलवाने के एवज में लेखपाल राजवीर सिंह द्वारा नेपाल नामक व्यक्ति के माध्यम से ₹15,000 रिश्वत लिए जाने संबंधी एक वीडियो भी वायरल हुई है।
प्रकरण को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने तत्काल उप जिलाधिकारी चंदौसी नीतू रानी को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार एवं जनसुनवाई से संबंधित शिकायतों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उप जिलाधिकारी चंदौसी के निर्देश पर नायब तहसीलदार चंदौसी द्वारा मामले की जांच की गई। जांच के दौरान संबंधित लेखपाल से गहन पूछताछ की गई, जिसमें लेखपाल द्वारा स्वीकार किया गया कि नेपाल नामक व्यक्ति पिछले माह तक उनके साथ कार्य करता था।
नायब तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत जांच आख्या में रिश्वत लिए जाने के आरोप प्रथम दृष्टया सत्य प्रतीत होने पर लेखपाल के विरुद्ध उचित कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की गई।
उप जिलाधिकारी चंदौसी द्वारा नायब तहसीलदार की आख्या दिनांक 21 मई 2026 के आधार पर उ.प्र. सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत लेखपाल क्षेत्र चाटन, तहसील चंदौसी राजवीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही उक्त नियमावली के नियम-7 के अंतर्गत प्रकरण की विस्तृत जांच हेतु तहसीलदार चंदौसी को जांच अधिकारी नामित किया गया है।


