बुलन्द संदेश ब्यूरो
गाज़ियाबाद (आशा चौधरी) सर्वोदय विद्यालय रानी दुर्गावती,दिल्ली सरकारी विद्यालय द्वारा NEEEV (New Era of Entrepreneurial Ecosystem & Vision) कार्येक्रम में शैली जी को NEEEV DIALOGUE पर लाइव इंटरेकशन करने का आमंत्रण प्राप्त हुआ। यह कार्यक्रम दिल्ली सरकार द्वारा सभी सरकारी स्कूलों में 8वी से 12वी कक्षा के छात्र -छात्राओं को उद्यमीता से जोड़ने हेतु चलाया जा रहा है साथ ही दिल्ली के सरकारी स्कूल के बच्चे अब अपना खुद का स्टार्टअप आइडिया बनाकर उसे प्रेजेंट करते है ,चयन होने पर सरकार से 20 हजार रुपये की फंडिंग भी प्राप्त करते है । शैली जी ने बताया की दिल्ली सरकार सिर्फ बच्चों को पढ़ा ही नहीं रही, बल्कि उन्हें "Job Seeker" नहीं, "Job Creator" बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ा रही है। इसी सोच के साथ NEEEV योजना शुरू की गई थी,जो कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्रों को बिज़नेस, फाइनेंशियल समझ और उद्यमिता सिखाने का मौका देती है।NEEEV कार्येक्रम बच्चों में नई सोच और बदलाव लाने की हिम्मत पैदा कर उन्हें सिर्फ नौकरी पाने लायक नहीं,बल्कि दूसरों को नौकरी देने योग्य बनाता है। इस कार्यक्रम द्वारा 11वी और बाहरवी के छात्र -छात्राओ के 5 सदस्य ग्रुप को अच्छे उद्यम आईडिया के चयन होने के बाद प्रति ग्रुप को 20000 रूपये दिए जाते है, जिसमे उन्हें अपना एक ग्रुप बना कर सामान बनाया अथवा बेच कर धन कमाने का प्रयास करना होता है।
शैली जी ने बताया की वह दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2019 से अपना योगदान दे रही है एवं 2019 से 2026 तक प्रति वर्ष दिल्ली के अनेको सरकारी स्कूलो में जा कर हजारो विधार्थियों को उद्यमीता कार्येक्रम से जोड चुकी है, जिस में पहले प्रति वर्ष 11 और 12 कक्षा के छात्र-छात्राओं को प्रति छात्र - छात्रा को उद्यमीता हेतु 2000 रूपय धन राशी मिलती थी ,पर अब इस कार्येक्रम में बदलाव लाया गया और इसमें बदलाव के रूप में स्कूल के बच्चो को ग्रुप का चयन होने पर 20000 रूपये की धन राशि मिलती है।
शैली जी ने बताया की पिछले वर्ष भी उन्होंने सर्वोदय विद्यालय रानी दुर्गावती,दिल्ली सरकारी विद्यालय में छात्र छात्राओं को उद्यमिता पर प्रशिक्षण दिया था ,जिस में से इस वर्ष दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 'स्टार्टअप स्टॉर्मर्स' प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था जिसमें से 12वीं कक्षा के लिए लगभग 1,000 टीमों में से 2 ग्रुप चुने जा चुके है जिनका अब जिला स्तर या जोनल स्तर पर 150 ग्रुप में से चुनाव प्रतियोगिता रहेगी और छात्रों को अपने बिजनेस आइडिया प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। चुनी गई टीमों को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।यह प्रतियोगिता छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना केवल दिल्ली के सरकारी स्कूलो में लागू है ज़िसमे सभी सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य हेतु इस प्रयास में स्कूल का बढ़ चढ़ कर योगदान रहता है इसका मकसद स्कूल के बच्चों को नया सोचना, समस्याओं को सुलझाना और अपने पैरों पर खड़े होना सिखाना है, यह योजना अभी चल रहे स्कूल सत्र में 8वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए लागू होती है । यह सिर्फ किताबी पढ़ाई तक ही सीमित नहीं है , बल्कि बच्चों को असल में बिजनेस करना सिखाती है। छात्र छात्राओ के साथ विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकायें एवं प्राधानाचार्य भी इस कार्यक्रम में अपना पूर्ण सहयोग देते हैं |प्रधानाचार्य एवं अन्य अध्यापिकाओं के साथ बहुत अच्छा अनुभव रहा |


