लखनऊ। सौर ऊर्जा परियोजनाओं से आगे बैटरी स्टोरेज और बिजली उत्पादन में विस्तार कर रही अल्ट्रावाइब्रेंट इंटीग्रेटेड एनर्जी लिमिटेड (यूबीआईई) ने दो वर्षों में राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। द बैटरी शो 2026 में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राजेश्वर सिंह राजपुरोहित ने समूह की एकीकृत ऊर्जा रणनीति की जानकारी दी। श्री सिंह के अनुसार, परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2023-24 के लगभग ₹34 करोड़ से बढ़कर 2025-26 में ₹383.99 करोड़ हो गया। बड़े टर्नकी सोलर ईपीसी प्रोजेक्ट, पीएम कुसुम से जुड़े अवसर और परिचालन दक्षता इस वृद्धि के प्रमुख आधार रहे। इसी अवधि में कर पश्चात लाभ ₹1.60 करोड़ से बढ़कर ₹33.39 करोड़ हुआ।
राजेश्वर सिंह ने बताया कि 31 अगस्त 2026 तक कंपनी का सोलर ईपीसी ऑर्डर बुक ₹654.51 करोड़ था, जिसमें 215.05 एम डब्लू पी क्षमता की परियोजनाएं शामिल थीं। यह ऑर्डर बुक भविष्य के क्रियान्वयन से जुड़ा है, पहले से अर्जित राजस्व नहीं है। यूवीआईई की परिचालन सौर परिसंपत्तियां 14 संयंत्रों में 39.90 एम.डब्लू.पी है। कंपनी का ओएंडएम पोर्टफोलियों 31 परियोजनाओं में 116.23 एम.डब्लू. पी है। इससे परियोजना निर्माण के साथ बिजली उत्पादन और दीर्घकालिक रखरखाव में भी उसकी मौजूदगी बढ़ी है उन्होंने कहा कि सहयोगी कंपनी लिथिना एनर्जी सॉल्यूशंस प्रदर्शनी में 418 के.डब्लू.एच बैटरी कैबिनेट दिखा रही है। जयपुर स्थित उसके संयंत्र की विनिर्माण क्षमता 1,700 एम.डब्लू.एच तक है। सिस्टम इंटीग्रेशन और विनिर्माण यहां होता है, जबकि सेल फिलहाल चीन से प्राप्त होते हैं।
श्री सिंह ने बताया कि लिथिना ने अब तक 3एम.डब्लू.एच का क्रियान्वयन किया है। कंपनी के पास 28 एम.डब्लू.एच के ऑर्डर हैं, जिन्हें चालू वित्त वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।
श्री सिंह के अनुसार, सौर ऊर्जा के साथ स्टोरेज जोड़ने से अतिरिक्त बिजली का बाद में उपयोग संभव होता है आर्थिक लाभ ग्राहक की मांग, बिजली दरों और परियोजना लागत पर निर्भर करेगा। समूह का लक्ष्य आगामी दो से तीन वर्षों में वार्षिक राजस्व ₹1,500 करोड़ से अधिक करना है, जिसकी प्राप्ति क्रियान्वयन और बाजार परिस्थितियों पर निर्भर होगी। इस अवसर पर कुलदीप कुमार जैन, सीईओ एवं प्रोफेशनल डायरेक्टर, और मनन जैन, कार्यकारी निदेशक एवं सीएफओ, भी शामिल हैं।


