*आरटीई के अंतर्गत प्रत्येक बच्चे का दाखिला सुनिश्चित करे सरकार सीमा त्यागी*
*आरटीई के अंतर्गत चयनित बच्चों को प्रवेश न देने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करे सरकार*
गाज़ियाबाद (आशा चौधरी) इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा त्यागी ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई ) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के हजारों बच्चों का चयन होने के बावजूद उन्हें निजी विद्यालयों में प्रवेश नहीं मिल रहा है। यह स्थिति न केवल आरटीई अधिनियम की मूल भावना के विरुद्ध है, बल्कि बच्चों के संवैधानिक अधिकारों का भी खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि पिछले पाँच वर्षों (2022-23 से 2026-27) के आँकड़े बेहद चिंताजनक हैं। इस अवधि में लगभग 29,230 बच्चों को RTE के तहत निजी विद्यालयों में सीटें आवंटित की गईं, लेकिन केवल 16,974 बच्चों को ही प्रवेश मिल सका। यानी हजारों चयनित बच्चे आज भी शिक्षा के अपने अधिकार से वंचित हैं। सीमा त्यागी ने कहा कि यदि सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा चयनित बच्चों को भी निजी विद्यालय प्रवेश देने से इनकार कर रहे हैं, तो यह कानून के शासन और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की कि प्रत्येक चयनित बच्चे का समयबद्ध प्रवेश सुनिश्चित किया जाए तथा अभिभावकों की सभी शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि जो निजी विद्यालय RTE के तहत प्रवेश देने से इंकार कर रहे हैं या शासन एवं शिक्षा अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं, उनके विरुद्ध RTE अधिनियम, उत्तर प्रदेश RTE नियमावली एवं अन्य लागू प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उनकी मान्यता निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाए। सीमा त्यागी ने कहा, "RTE का उद्देश्य केवल चयन सूची जारी करना नहीं, बल्कि प्रत्येक चयनित बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना है। जब तक हर पात्र बच्चे का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित नहीं होगा, तब तक शिक्षा का अधिकार अधूरा रहेगा। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी चयनित बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।"


