राहुल गांधी से मिलने का समय न मिलन पाने से मुस्लिम धर्मगुरू नाराज़
बुलन्द संदेश/लायबा नूर
संभल। एक समय था जब कांग्रेस मुसलमानांे को साथ लेकर चलती थी और मुसलमान कांग्रेस के लिए जान देने को तैयार रहता था। अब अतीत को क्या दोहराया जाये कुछ गलतियां हुई जिस कारण मुसलमानों का कांग्रेस से मोह भंग हो गया। अब फिर से कांग्रेस चाहे तो मुसलमानों को फिर से अपना सकती है, और हर जाति धर्म के लोगों को एक साथ लेकर सत्ता के गलियारों तक पहुंच सकती है। लेकिन कांग्रेस को अच्छे सलाहकारों के साथ मंथन चिंतन करने की ज़रूरत है। मगर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पास मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरूओं से मिलने का समय ही नहीं है। लगातार सम्भल के अनेक धर्मगुरू अपनी समस्याआंें और कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने के लिए आर्शिवाद संग सुझाव देना चाहते है और बार बार राहुल गांधी व प्रियंका गांधी से मिलने का समय मांग रहे हैं परन्तु दरकिनार किया जा रहा है। जिससे ऐसा लगता है कि कांग्रेस को मुसलमानों की न तो ज़रूरत है और न मुस्लिम धर्मगुरूओं से वह इसी वजह से मिलना चाहती है। मुस्लिम धर्मगुरू समय न मिलने को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से नाराज़ हैं।


