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सड़क हादसों में मूकदर्शक नहीं, बनें 'राह-वीर' वीडियो बनाने के बजाय जान बचाने वालों को मिलेगा 25 हजार रुपये का इनाम

सड़क हादसों में मूकदर्शक नहीं, बनें 'राह-वीर' वीडियो बनाने के बजाय जान बचाने वालों को मिलेगा 25 हजार रुपये का इनाम

सड़क हादसों में मूकदर्शक नहीं, बनें 'राह-वीर'

वीडियो बनाने के बजाय जान बचाने वालों को मिलेगा 25 हजार रुपये का इनाम

बुलन्द संदेश / राबिया बसरी

संभल। सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायल लोगों की मदद के बजाय वीडियो बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लागू 'राह-वीर (गुड सेमेरिटन) योजना' के तहत अब सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले मददगार को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। पहले यह राशि 5 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर पांच गुना कर दिया गया है।

परिवहन विभाग के अनुसार दुर्घटना के बाद का पहला घंटा यानी 'गोल्डन आवर' सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी दौरान यदि घायल को चिकित्सीय सहायता मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। योजना के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति का पुलिस और चिकित्सा विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जनपदीय अप्रेजल कमेटी पुरस्कार के लिए नाम स्वीकृत करेगी।

योजना का लाभ केवल गंभीर दुर्घटनाओं के मामलों में मिलेगा। इसके लिए घायल की बड़ी सर्जरी होना, कम से कम तीन दिन अस्पताल में भर्ती रहना, गंभीर सिर या रीढ़ की चोट लगना अथवा इलाज के दौरान मृत्यु होना जैसी पांच निर्धारित शर्तों में से किसी एक का पूरा होना आवश्यक है। मोटर वाहन संशोधन अधिनियम-2019 के तहत ऐसे मददगारों को कानूनी परेशानियों से भी संरक्षण दिया गया है।

एआरटीओ (प्रशासन) अमिताभ चतुर्वेदी ने बताया कि जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में योजना की नियमित समीक्षा की जा रही है। पुलिस और अस्पताल प्रशासन को भी इसके प्रति जागरूक किया गया है, ताकि कोई भी वास्तविक 'राह-वीर' सम्मान और पुरस्कार से वंचित न रहे। सरकार का उद्देश्य लोगों को मानवता का परिचय देते हुए सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए प्रेरित करना है।