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उत्तर प्रदेश

15 मिनट की बारिश ने खोल दी नगर निगम के दावों की पोल, अंडरपास में 8 फीट पानी; शहर की सड़कें बनीं तालाब

15 मिनट की बारिश ने खोल दी नगर निगम के दावों की पोल, अंडरपास में 8 फीट पानी; शहर की सड़कें बनीं तालाब

बुलंद संदेश ब्यूरो

 

होली गेट से भूतेश्वर पुल तक जलभराव, बाजारों में ठप रही आवाजाही; पहली ही बारिश में फेल हुई जल निकासी व्यवस्था, लोगों में आक्रोश

 

मंगलवार को हुई महज 15 मिनट की तेज बारिश ने मथुरा नगर निगम और संबंधित विभागों की मानसून तैयारियों की हकीकत उजागर कर दी। शहर के प्रमुख बाजारों, मुख्य मार्गों और अंडरपास में भारी जलभराव होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़कों पर कई फीट पानी भरने से यातायात बाधित रहा और लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा।

 

सबसे भयावह स्थिति न्यू बस स्टैंड अंडरपास पर देखने को मिली, जहां करीब आठ फीट तक पानी भर गया। हालात ऐसे बन गए कि अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो गया और वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नालों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था के अभाव में हर साल यही स्थिति बनती है।

 

शहर के सबसे व्यस्त बाजार होली गेट में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहा। दुकानदारों और ग्राहकों को घुटनों तक पानी में होकर निकलना पड़ा। वहीं भूतेश्वर पुल, बीएसए रोड, महोली रोड, प्रकाश नगर और कंकाली रोड पर भी जलभराव के कारण घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए और लोगों को धक्का लगाकर वाहन निकालने पड़े।

 

लोगों का कहना है कि जब मथुरा में सांसद, विधायक, महापौर, नगर निगम और संबंधित विभाग मौजूद हैं, तब भी यदि मामूली बारिश में शहर की सड़कें तालाब बन जाएं तो विकास के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है। शहरवासियों ने जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से सुधारने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

वर्जन

 

स्थानीय नागरिक अशोक का कहना है कि बरसात से पहले हर वर्ष नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश उन सभी दावों की पोल खोल देती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर में जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है।