बुलन्द संदेश/मौहम्मद अब्बास
सम्भल नगर पालिका के नामित सदस्य सैय्यद शान अली ने 38 बीघा भूमि प्रकरण में तत्कालीन नगर पालिका के सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जिस समय यह कथित घोटाला हुआ,उस दौरान नगर पालिका में तैनात रहे ठेकेदारों, बाबुओं और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि अब जबकि 38 बीघा भूमि का मामला सामने आ चुका है सैय्यद शान अली ने कहा कि जिन लोगों ने ज़मीन खतौनी देख कर ख़रीदी है उनका क्या क़ुसूर है जो उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया गया है और इतनी भी जल्दी थी जो सात दिन में ही सब कुछ छीन लिया और मुलजिम भी बना दिया और तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता की गिरफ्तारी भी हो चुकी है, ऐसे में उस समय कार्यरत सभी संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
सैय्यद शान अली ने यह भी कहा कि उस समय जिन ठेकेदारों को नगर पालिका द्वारा ठेके आवंटित किए गए थे,उन में बाबुओं और अन्य अधिकारियों की क्या भूमिका रही, इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर अनियमितता या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। सैय्यद शान अली ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने सरकारी अभिलेखों और खतौनी के आधार पर भूमि खरीदी, उन्हें सीधे आरोपी बनाना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भूमि के सरकारी रिकॉर्ड में कोई त्रुटि या अनियमितता थी तो उसकी जिम्मेदारी तय किए बिना खरीदारों के खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई। उन्होंने कहा कि इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि निर्दोष लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और व्यापक जांच कर सभी दोषियों की जवाबदेही तय की जाए।


