राकेश टिकैत के पहुंचते ही बढ़ी किसानों की भीड़, तिरंगा लगे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पटा कमिश्नरी चौराहा
संवाददाता जावेद अब्बासी
मेरठ। किसान समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को हजारों किसानों ने कमिश्नरी पर धरना देकर महापंचायत शुरू कर दी। किसान तिरंगा लगे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कमिश्नरी पहुंचे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के पहुंचने पर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला।सुबह से ही जिले के अलग-अलग गांवों से किसानों के जत्थे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कमिश्नरी की ओर बढ़ते रहे। दोपहर करीब 12:30 बजे तक कमिश्नरी चौराहा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से भर गया। कमिश्नरी के बाहर टेंट लगाकर महापंचायत शुरू की गई। मंच से किसान नेताओं ने अपनी समस्याएं रखीं और रागिनी के माध्यम से भी किसानों का मनोरंजन किया गया।भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि 21 जुलाई को कलेक्ट्रेट का घेराव कर जिलाधिकारी डाॅ. वीके सिंह को किसानों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया था। उस समय समस्याओं के समाधान के लिए 40 दिन का समय दिया गया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इससे किसानों में आक्रोश है।उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों ने नलकूप कनेक्शन का मनमाने तरीके से लोड बढ़ाने, बढ़े बिल और पेनल्टी वसूली, जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने और रात में बिजली आपूर्ति की समस्या उठाई। इसके अलावा ट्यूबवेलों पर लगातार हो रही चोरी रोकने की मांग भी की।किसानों ने समितियों पर खाद की कमी, खाद की कालाबाजारी और ब्याज वसूली में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। गन्ने के बकाया भुगतान और चीनी के दाम बढ़ने के बावजूद किसानों को बोनस नहीं मिलने का मुद्दा भी महापंचायत में उठाया गया।इसके अलावा नगर निगम सीमा में शामिल गांवों में सड़क, बिजली और पानी की समस्याओं, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने में कथित भ्रष्टाचार, तहसीलों में विरासत और नामांतरण के मामलों में अवैध वसूली तथा तालाबों की सफाई नहीं होने जैसे मुद्दे भी किसानों ने उठाए।किसानों ने जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सीएचसी और पीएचसी में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा पशु अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और समय पर टीकाकरण नहीं होने की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी।महापंचायत में राकेश टिकैत के पहुंचने के बाद किसानों ने जमकर नारेबाजी की। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान नेताओं से वार्ता कर स्थानीय स्तर की समस्याओं का जल्द समाधान कराने तथा शासन स्तर की मांगों को शासन तक भेजने का आश्वासन दिया।


