बुलंद संदेश/मोनू सिंह
विकासखंड असमोली की ग्राम पंचायत मनोटा में प्रशासनिक अनदेखी और बदहाल व्यवस्था की पोल खुलती नज़र आ रही है। गाँव के मुख्य मार्ग पर बरसात के मौसम से पहले से ही पिछले लगभग एक महीने से लगातार पानी भरा हुआ है, जिससे ग्रामीणों का जीना दूभर हो चुका है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर बदबूदार पानी जमा है, जिससे वाहनों का आवागमन तो दूर, लोगों का पैदल निकलना भी बेहद मुश्किल हो गया है। हैरानी की बात यह है कि स्थिति इतनी गंभीर होने के बावजूद ग्राम विकास अधिकारी और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह बेखबर बने हुए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है।
सावन में भोले के भक्तों की राह में रोड़ा, कांवड़ियों की मुश्किल बढ़ी
वर्तमान में श्रावण का पवित्र महीना चल रहा है और यही मार्ग गाँव के मुख्य शिव मंदिर तक जाने का भी एकमात्र रास्ता है। ऐसे में हर दिन मंदिर में जलाभिषेक करने जाने वाले श्रद्धालुओं को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि सावन के इस पावन अवसर पर शिव भक्त कांवड़ लेकर भी इसी मुख्य रास्ते से होकर गुजरेंगे। पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान शिव भक्तों को इस गंदे और बदबूदार पानी से होकर गुजरना पड़ेगा, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं और उनमें गहरा आक्रोश है।
अंतिम सफर में भी 'जलभराव' का दंश
धार्मिक आस्था के साथ-साथ इस पूरे मामले का सबसे दुखद पहलू यह भी है कि यही जलमग्न मार्ग गाँव के मुख्य अंत्येष्टि स्थल तक जाने का भी अकेला रास्ता है। गाँव में जब भी किसी हिंदू परिवार में दुखद घटना होती है, तो परिजनों और ग्रामीणों को घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर शव यात्रा निकालनी पड़ती है। अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील समय में भी लोगों को इस नरकीय स्थिति से गुजरना पड़ रहा है।
बीमारियों का बढ़ा खतरा और प्रशासनिक अनदेखी
सड़क पर एक महीने से जमा सड़े हुए पानी के कारण आसपास के वातावरण में भयंकर दुर्गंध फैल चुकी है। जमा पानी में मच्छर और जहरीले कीड़े-मकोड़े पनपने से गाँव में डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और त्वचा संबंधी बीमारियों के फैलने का भयानक खतरा मंडरा रहा है, जिससे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद न तो जल निकासी का कोई अस्थायी उपाय किया गया है और न ही पंचायत प्रशासन के किसी अधिकारी ने मौके पर आकर स्थिति का जायजा लिया है।

समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
प्रशासन की इस घोर उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई और मार्ग को दुरुस्त नहीं कराया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे जल्द ही एकजुट होकर उपजिलाधिकारी और विकासखंड कार्यालय असमोली का घेराव कर उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि इस जनसमस्या पर जिम्मेदार अधिकारी कब जागते हैं या ग्रामीणों को इसी तरह नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर होना पड़ेगा।


