देश-विदेश से पहुंचे 100 से अधिक ज्योतिषाचार्य, अंक ज्योतिष, हस्तरेखा और फलित ज्योतिष पर हुई चर्चा
बुलन्द संदेश ब्यूरो: जावेद अब्बासी
मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय में ज्योतिष पाठ्यक्रम के एक वर्ष पूरे होने पर आयोजित दो दिवसीय प्रथम ज्योतिष महोत्सव का रविवार शाम समापन हो गया। भारतीय ज्ञान प्रणाली एवं ज्योतिष विभाग की ओर से आयोजित महोत्सव में देश-विदेश से आए 100 से अधिक ज्योतिषाचार्यों और विशेषज्ञों ने ज्योतिष की विभिन्न विधाओं और उनके व्यावहारिक पक्ष पर चर्चा की।
कार्यक्रम में जैनाचार्य 108 श्री सौरभ सागर जी महाराज मुख्य रूप से मौजूद रहे। उन्होंने आईआईएमटी प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और महोत्सव में शामिल ज्योतिषाचार्यों को आशीर्वाद दिया। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और कर्मचारियों ने गुरु भक्ति कार्यक्रम में महाराज श्री को नमन किया।
महोत्सव के दूसरे दिन जैनाचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज का विधिवत स्वागत किया गया। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता, प्रति कुलाधिपति डॉ. मयंक अग्रवाल और अन्य पदाधिकारियों ने महाराज श्री से आशीर्वाद लिया। विश्वविद्यालय की छात्राओं भूमि और आन्या ने गुरु महिमा पर नृत्य प्रस्तुति दी। बाद में कुलाधिपति और प्रति कुलाधिपति ने महोत्सव में शामिल ज्योतिषाचार्यों को सम्मानित किया।
जैनाचार्य श्री सौरभ सागर जी महाराज ने कहा कि महोत्सव में आए ज्योतिषाचार्यों का ज्ञान और अनुभव काफी महत्वपूर्ण है। जीवन में आने वाली परिस्थितियों को समझने में अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन मददगार हो सकता है। उन्होंने कहा कि ज्योतिष व्यक्ति को भविष्य के प्रति सजग रहने और पुरुषार्थ करने के लिए प्रेरित करता है।
कुलाधिपति योगेश मोहन गुप्ता ने कहा कि ज्योतिष भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से ज्योतिष के क्षेत्र में ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान होता है तथा लोगों को भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने का अवसर मिलता है।
महोत्सव में ज्योतिषाचार्य हरि सिंह रावत, बगलामुखी उपासक राम कुमार शर्मा, आईएएफ ज्योतिषाचार्य डॉ. लखन दहिया, उत्तराखंड के पूर्व मंत्री एवं ज्योतिषाचार्य डॉ. नंदकिशोर पुरोहित समेत कई विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। मेडिकल एस्ट्रोलॉजी, अंक ज्योतिष, हस्तरेखा, वास्तु शास्त्र, टैरो रीडिंग और हीलिंग जैसी विधाओं पर भी जानकारी दी गई।
महोत्सव में भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा श्रीलंका और नेपाल से भी ज्योतिषाचार्य पहुंचे। आम लोगों को भी प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से निशुल्क परामर्श लेने का अवसर मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर ज्योतिष, अंक विज्ञान और हस्तरेखा समेत विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से जानकारी ली।कार्यक्रम में कुलपति डॉ. दीपा शर्मा, ज्योतिष विभाग की डीन आशा त्यागी, डीन एक्टिविटीज डॉ. लखविंदर सिंह, निदेशक प्रशासन डॉ. संदीप कुमार, मीडिया प्रभारी सुनील शर्मा समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे। गायिका अनन्या सिंह ने भजनों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में भक्ति का रंग भर दिया। मंच संचालन एकता शर्मा ने किया।ज्योतिष विभाग की डीन आशा त्यागी ने सभी अतिथियों, ज्योतिषाचार्यों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। महोत्सव में आए लोगों के लिए विभिन्न धार्मिक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।


