बुलन्द संदेश /ब्यूरो
गाजियाबाद,(आशा चौधरी) 17 जुलाई 2026: निटरा टेक्निकल कैंपस (एनटीसी), में आज इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ एंड देयर एप्लीकेशन्स (ICETA-2026) का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा द्वारा किया गया।उद्घाटन सत्र का शुभारंभ निटरा के चेयरमैन विदित जैन द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ, तत्पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं विशिष्ट अतिथियों का सम्मान पुष्प गुच्छ से और अंग वस्त्र पहना कर किया गया। सर्वप्रथम प्रो. (डॉ.) एम. एस. परमार, महानिदेशक, निटरा ने मंत्री और विशिष्ट अतिथियों को निटरा में पहली बार पधारने के लिए धन्यवाद दिया और आशा की ये सिलसिला ऐसे ही जारी रहेगा. अपने संबोधन में प्रो. (डॉ.) एम. एस. परमार, महानिदेशक, निटरा ने अनुसंधान, नवाचार, तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में निटरा तथा निटरा टेक्निकल कैंपस की उल्लेखनीय उपलब्धियों और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उन्नत वस्त्र प्रौद्योगिकी, सतत विकास तथा न्यू-एज फाइबर्स के क्षेत्र में निटरा द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों को भारत के प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय वस्त्र मंत्री द्वारा सराहा गया है। उन्होंने आत्मनिर्भर एवं तकनीकी रूप से सशक्त भारत के निर्माण के लिए निटरा की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि किस तरह से निटरा टेक्निकल कैंपस आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस और वस्त्र प्रोद्योगिकी में छात्रों के साथ मिलकर नवाचार को बढ़ावा दे रहा है. हमारे कई छात्र और प्राध्यापक गण इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में शौध पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं. इसके लिए मै डॉ बी के शर्मा (निदेशक एन टी सी) और उनकी टीम को शुभकामनायें देता हूँ.

तत्पश्चात प्रो. (डॉ.) बी. के. शर्मा, निदेशक, निटरा टेक्निकल कैंपस ने ICETA-2026 को ज्ञान-विनिमय एवं नवाचार का एक महत्वपूर्ण मंच बताते हुए उद्योग एवं शिक्षा जगत के बीच सहयोग को मजबूत करने, अनुसंधान-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों एवं युवा शोधकर्ताओं में उद्यमिता की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही बताया की संस्थान के छात्र अपने आचार्यों और सह आचार्यों के साथ मिलकर मंत्री के मंत्रालय की स्टार्टअप पालिसी के तहत विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं. हम उत्तर प्रदेश सरकार और आपके आभारी हैं.इसके बाद प्रो. (डॉ.) जे. पी. पाण्डेय, कुलपति, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU), लखनऊ ने मुख्य अतिथि के रूप में वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागिता की और नवाचार-आधारित शिक्षा, अनुसंधान उत्कृष्टता एवं उद्योग सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए निटरा के प्रयासों की सराहना की और कहा कि सशक्त, विकसित और आत्मनिर्भर भारत की और बढता कदम हैं. इन्हीं उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए एकेटीयू तकनीकी पाठ्यक्रमों में नई शिक्षा निति के तहत में वृहद् बदलाव कर रही है ताकि तकनिकी कौशल से दक्ष युवा पीढ़ी राज्य और देश को मिल सके और आत्मनिर्भरता का सपना शीघ्र साकार हो.

कार्यक्रम में अरविंद कुमार, वरिष्ठ सलाहकार, सी-डैक दिल्ली तथा सौरभ अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन, कंप्यूटर सोसाइटी ऑफ इंडिया (CSI), गाजियाबाद चैप्टर ने विशेष संबोधन दिए। वक्ताओं ने उभरती प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल ट्रस्ट, कौशल विकास तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि ये क्षेत्र भविष्य के कार्यबल एवं भारत के डिजिटल परिवर्तन को दिशा प्रदान करेंगे।उद्घाटन सत्र का एक प्रमुख आकर्षण ICETA-2026 कॉन्फ्रेंस बुक ऑफ एब्स्ट्रैक्ट्स का विमोचन रहा जो माननीय मंत्री जी के करकमलों के द्वारा हुआ। इस अवसर पर सम्मेलन के प्रमुख सहयोगी साझेदारों—SSC नासकॉम , C-DAC, कंप्यूटर सोसाइटी of इंडिया (CSI), A2Z पब्लिकेशन्स एवं ड्रिलिंबित —का सम्मान भी किया गया। इसके अतिरिक्त अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास एवं उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निटरा एवं सी-डैक के मध्य एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
समारोह के अपने उद्घाटन भाषण में माननीय श्री सुनील कुमार शर्मा ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में डिजिटल प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इलेक्ट्रॉनिक्स, साइबर सुरक्षा तथा नवाचार-आधारित उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोरदिया। उन्होंने विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं एवं युवा नवाचारकर्ताओं का आह्वान किया और तकनीकी नवाचार, उत्कृष्ट अनुसंधान तथा स्टार्टअप आधारित विकास के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा डिजिटल परिवर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तथा प्रौद्योगिकी आधारित रोजगार अवसरों को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्टअप पालिसी को समग्र रूप से लागु करने की प्रतिबद्धता पर बल दिया ताकि भारत और उत्तर प्रदेश के युवा आत्मनिर्भर हो सकें और सशक्त भारत का सपना शीघ्र साकार हो.
अपने उदबोधन में माननीय मंत्री श्री सुनील जी ने प्रो. (डॉ.) जे. पी. पाण्डेय, कुलपति, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU), लखनऊ, प्रो. (डॉ.) एम. एस. परमार, महानिदेशक, निटरा और प्रो. (डॉ.) बी. के. शर्मा, निदेशक, निटरा टेक्निकल कैंपस को, बधाई दी और कहा कि इस तरह के अंतर्राष्ट्रीय समागम के आयोजन किसी भी राज्य और संस्था के लिए मील का पत्थर साबित होते हैं. उद्घाटन सत्र का समापन विवेक अग्रवाल, उपनिदेशक, निटरा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, प्रतिनिधियों, सहयोगी संस्थाओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।उद्घाटन सत्रोपरांत तकनीकी सत्रों का शुभारंभ जितेन्द्र सिंह (सी-डैक दिल्ली), प्रो. (डॉ.) कुमुद सक्सेना (लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, ग्रेटर नोएडा) तथा प्रो. (डॉ.) अंकित विद्यार्थी (जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा) के मुख्य वक्तव्यों के साथ हुआ। वक्ताओं ने उभरती प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन एवं भविष्य की नवाचार प्रवृत्तियों पर अपने विचार साझा किए और शौध पत्र प्रस्तुत किये गए साथ ही तकनिकी वार्तालाप हुआ।
सम्मेलन में श्री तारा शंकर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार; तथा श्री अभ्याश सिंह, एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट, DrillBit भी उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने सम्मेलन की चर्चाओं एवं संवाद को और अधिक समृद्ध बनाया।


