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उत्तर प्रदेश

अमरोहा के आमों का स्वाद दुबई जर्मनी फ़्रांस इंग्लैंड के साथ-साथ मलेशिया के लोग भी ले सकेंगें

अमरोहा के आमों का स्वाद दुबई जर्मनी फ़्रांस इंग्लैंड के साथ-साथ मलेशिया के लोग भी ले सकेंगें

अमरोहा के आमों का स्वाद दुबई जर्मनी फ़्रांस इंग्लैंड के साथ-साथ मलेशिया के लोग भी ले सकेंगें

अमरोहा (डा. महताब अमरोहवी )इस वर्ष अमरोहा जनपद के आमों का स्वाद दुबई जर्मनी फ़्रांस इंग्लैंड के साथ-साथ मलेशिया के लोग भी ले सकेंगें। अमरोहा के आम निर्यातकों को विदेशों से आर्डर मिलना आरम्भ हो गए हैं जिस में अमरोहा नगर के प्रसिद्ध निर्यातक और उत्तरप्रदेश मेंगो निर्यातक एसोसिशन के अध्यक्ष नदीम सिद्दीक़ी को अब तक 250 टन आमों के निर्यात का आर्डर मिला है जिस में लंगड़ा ,चौसा ,दसहेरी और सरौली जैसे अमरोहा के आमों का निर्यात किया जाएगा। इस प्रकार देश और प्रदेश को लाखों रूपए की विदेशी मुद्रा प्राप्त होगी। जिस की दो खेप भेजी जा चुकीं है जबकि जापान और नेपाल ने  पेस्टीसाइड होने के कारण भारत के आम लेने से इंकार कर दिया है। जबकि हसन पुर के आम उत्पादक इशांत सैनी को भी बीस टन आमों के निर्यात का पहला ऑर्डर मिला है। नदीम सिद्दीकी ने बताया कि वह अमरोहा से 2003 से मध्य एशिया तथा यूरोपीय देशों को अमरोहा के आमों का निर्यात कर रहे  हैं।उनके प्रयासों से ही अमरोहा फल  सब्जी हेतु पैक हाउस का निर्माण हुआ है जहां से अमरोहा की सब्जियां और फल विभिन्न देशों को निर्यात होते हैं. जिन का सिलसिला आरम्भ हो चुका है।विदेशों में अमरोहा की हरी मिर्च और तुरई,भिंडी खीरा  बहुत पसंद किया जाता है।   
दुबई और यूरोप महाद्वीप के देशों के लोग इस बार भी अमरोहा से आम का स्वाद लेंगे। दुबई में अमरोहा का लंगड़ा दौडे़गा। फ्रांस, और जर्मनी से आम निर्यातक  को आर्डर मिलने शुरू हो गए हैं। हसनपुर के निर्यातक को बीस  टन आम का आर्डर मिला है। यहां के उत्पादक आम की बेहतर क्वालिटी तैयार करने पर जोर दे रहे हैं। विदेशों में आम भेजने के लिए अच्छी प्रजातियों के आम के ऊपर कागज की थैली बांधने की तैयारी चल रही है।फल पटटी के नाम से देश में मशहूर अमरोहा जनपद में करीब 12 हजार हेक्टेयर भूमि में आम के बाग लगे हुए हैं। अमरोहा की हसनपुर तहसील में 24 से अधिक प्रजातियों के आम पाए जाते हैं। यहां पर अगेती पकने वाली मुंबई और दशहरी प्रजाति के आम यहां मौजूद हैं। सीजन के अंत में पकने वाली चैसा प्रजाति भी यहां पर मौजूद है। सूत्रों के मुताबिक आम का विदेशों को निर्यात किए जाने वाले निर्यातकों को आम के आर्डर मिलने शुरू हो गए हैं। हालांकि, भाव आम के तैयार होने पर तय हो पाएगा। दशहरी, लंगड़ा तथा चैसा प्रजाति के आम के विदेशों से आर्डर मिलने शुरू होने के साथ ही भारत के विभिन्न राज्यों के आम व्यापारी भी हसनपुर में सक्रिय होने शुरू हो गए हैं। वह आम के बागों में घूमकर फलों की स्थिति देखने के साथ ही आढ़तियों से संपर्क करने लगे हैं। आम उत्पादक बाग स्वामी आम की क्वालिटी को बेहतर बनाए रखने के लिए आम के ऊपर थैली बांधी जा रहीं हैं। हसनपुर में आम की सुरक्षा के लिए प्रयोग किए जाने वाली थैली बनाने का प्लांट भी लग गया है। आम पर बौर खिलने के बाद से कई बार वर्षा होने के साथ ही मौसम अनुकूल रहने की वजह से गर्मी पड़ते ही आम गत वर्षों के सापेक्ष अधिक फूलता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि, कई बार आंधी आने से करीब तीस प्रतिशत से अधिक कच्चा आम टूटकर गिरने से बागों में नुकसान भी हुआ है। उधर बागों में आम को फूलते देखकर आम कारोबारी भी फूले नहीं समा रहे हैं उन्हें चिंता है तो सिर्फ आंधियों की। क्योकि, आम अब काफी मोटा हो गया है ऐसे में आंधी में टूटकर गिरने से बहुत नुकसान होता है।अमरोहा से अब तक दो लाट का आम विभिन्न देशों को भेजा जा चुका है। अमरोहा और  हसनपुर में 24 से अधिक प्रजाति के आम पाए जाते हैं। इनमें दशहरी, मुंबई, राम केला, गुलाब जामुन, अनवर रहटोल, न्यादर मनौटा, फजरी, लंगड़ा, चैसा, खासुल खास, गुलाब खास, बेमिसाल आदि प्रजातियां शामिल हैं।अमरोहा जिले से दुबई, लंदन,  फ्रांस, जर्मनी आदि देशों में आम का निर्यात किया जाता है। आर्डर मिलने शुरू हो गए हैं।जिनकी आपूर्ति शुरू हो चुकी है  फिलहाल दुबई, फ्रांस और जर्मनी से 20 टन दशहरी, लंगड़ा व चैसा आम का आर्डर मिला था जिस को पूरा किया जा रहा है । विगत दिनों नदीम सिद्दीक़ी ने बताया कि उन्हों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान और प्रदेश के केबिनेट मंत्री शाही से अनुरोध किया था कि वह अमरोहा  जनपद के आम उत्पादकों को पूर्व की सुविधाएं उपलब्ध कराएं तो देश और प्रदेश को और अधिक विदेशी मुद्रा प्राप्त होगी जिस से अर्थ व्यवस्था मजबूत होगी।