बंद पड़े स्कूल को शिक्षक ने बनाया मिसाल
क्रासर
10 वर्षों में 16 से 114 पहुंची छात्र संख्या
बुलन्द संदेश ब्यूरो
रामपुर।उच्च प्राथमिक विद्यालय रामनगरिया में शिक्षण कार्य करते हुए 10 वर्ष पूरे होने पर इंचार्ज प्रभाकर गौतम ने तिथि भोज का आयोजन किया। बच्चों ने शिक्षक को पहनाया किंग का क्राउन' मिशन शिक्षण संवाद के तहत प्रदेश में निरंतर प्रतिदिन दैनिक श्यामपट्ट कार्य करने का बना चुके हैं कीर्तिमान
दृढ़ इच्छाशक्ति, कुशल नेतृत्व और शिक्षकों के सामूहिक समर्पण से कैसे एक बंद पड़ा सरकारी स्कूल निजी विद्यालयों के लिए मिसाल बन सकता है, इसका जीवंत उदाहरण उच्च प्राथमिक विद्यालय रामनगरिया ने पेश किया है। 2 सितम्बर 2016 को मात्र 16 छात्रों की संख्या के साथ पुन: शुरू हुए इस विद्यालय ने आज अपने सफलतम 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं।
इस ऐतिहासिक दशक की पूर्णता पर विद्यालय परिसर में ग्राम प्रधान व विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष की उपस्थिति में केक काटकर तिथि भोज का आयोजन किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान पति राकेश ने कहा कि 10 साल पहले इस स्कूल का नया जन्म हुआ था और आज यह विद्यालय पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल बन गया है। वहीं विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेब सिंह ने कहा कि इस विद्यालय का समय पालन, अनुशासन और शैक्षिक वातावरण क्षेत्र के बड़े-बड़े निजी स्कूलों से कहीं बेहतर और अनुकरणीय है।शिक्षक द्वारा इस खुशी के मौके पर विद्यालय के सभी वर्तमान और पूर्व छात्र रहे विद्यार्थियों को रिटर्न गिफ्ट के रूप में कॉपी, पेन व संपूर्ण स्टेशनरी किट वितरित की गई। टीम भावना और प्रदेश स्तर पर कीर्तिमानविद्यालय की इस अद्भुत सफलता के पीछे शिक्षकों की एक अनुशासित और कर्मठ टीम रही है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक शिक्षक ने बताया कि 'मिशन शिक्षण संवाद' के जनपद को-एडमिन होने के नाते उनके द्वारा वर्ष 2016 में दैनिक श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) कार्य को बोर्ड पर लिखने की अनूठी शुरुआत की गई थी। भारतीय सेना (फौज) से सेवानिवृत्त शिक्षक त्रिलोक सिंह रावतके अद्भुत सहयोग से टीम ने प्रदेश में निरंतर प्रतिदिन इस कार्य को करने का एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया।
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शिक्षिका ने एक बार लिया अवकाश
टीम के अन्य सहयोगियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षिका नीलोफर आकिल की निष्ठा अद्वितीय है, जिन्होंने 16 सितंबर 2016 को जॉइन करने के बाद से आज तक अपने पूरे सेवाकाल में केवल 1 बार बाल्य देखभाल अवकाश लिया है। इसके साथ ही वर्ष 2020 में अनुदेशक के रूप में बृजेश पाठक का योगदान और विगत वर्षों में रावत सर के सेवानिवृत्त होने के बाद से रामदेव जी द्वारा संभाली गई जिम्मेदारियों ने विद्यालय को नित नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। विद्यालय के प्रभारी ने कहा बीते 10 वर्षों के इस सफर में कर्मठ साथियों के साथ लगातार सीखते-सीखते कब समय गुज़र गया।इस अवसर पर ग्राम प्रधान, शिक्षक स्टाफ, गणमान्य नागरिक, अभिभावक और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
फोटो 01 शिक्षक को सम्मानित करते बच्चे
फोटो 02 केक काटते स्कूल का स्टॉफ और बच्चे


