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उत्तर प्रदेश

बिजली चोरी की कार्रवाई में पारदर्शिता जरूरी, बॉडी वार्न कैमरों का करें अनिवार्य उपयोग

बिजली चोरी की कार्रवाई में पारदर्शिता जरूरी, बॉडी वार्न कैमरों का करें अनिवार्य उपयोग

पीवीवीएनएल के एमडी रवीश गुप्ता ने सर्वर रूम का किया औचक निरीक्षण, चेकिंग रिपोर्ट सही तरीके से भरने के निर्देश

संवाददाता जावेद अब्बासी 

मेरठ। बिजली चोरी के खिलाफ चल रहे अभियान में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए बॉडी वार्न कैमरों का अधिकतम और अनिवार्य रूप से इस्तेमाल किया जाएगा। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (आईएएस) ने अधिकारियों को इसके निर्देश दिए हैं।प्रबंध निदेशक ने बुधवार को मेरठ स्थित बॉडी वार्न कैमरों के सर्वर रूम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि बिजली चोरी की जांच और प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान बॉडी वार्न कैमरों का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से किया जाए। मौके पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी उचित दूरी से और स्पष्ट रूप से की जाए, ताकि कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज और तथ्य सुरक्षित रिकॉर्ड में दर्ज हो सकें।एमडी ने बॉडी वार्न कैमरों की कार्यशीलता भी जांची। उन्होंने सभी कैमरों को पूरी तरह चालू रखने और कैमरों से जुड़े जरूरी उपकरण, जैसे बेल्ट आदि पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों को चेकिंग रिपोर्ट सही, पूरी और स्पष्ट तरीके से भरने को कहा, ताकि प्रत्येक कार्रवाई का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे और जरूरत पड़ने पर उसकी समीक्षा की जा सके।निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने विजिलेंस टीमों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बॉडी वार्न कैमरों का ऑनलाइन अवलोकन किया। सर्वर पर रिकॉर्डिंग और ऑनलाइन मैपिंग की भी जांच की गई, जो सही पाई गई। उन्होंने चेकिंग रिपोर्ट की भी वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए।एमडी ने कहा कि बिजली चोरी के मामलों में नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।