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उत्तर प्रदेश

बिजली विभाग की लापरवाही से भीषण गर्मी में मुरादनगर की जनता का हुआ बुरा हाल

बिजली विभाग की लापरवाही से भीषण गर्मी में मुरादनगर की जनता का हुआ बुरा हाल

बुलन्द संदेश /ब्यूरो

कुछ इलाकों के लोग कई कई दिन तक बिना बिजली के जीने पर हैं मजबूर

 

कहीं ट्रांसफॉर्मर फुंक रहा है तो कहीं ए.बी.सी. केबल में फॉल्ट, शिकायतों के बाद भी अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही 

मुरादनगर। (नासिर मंसूरी) विद्युत वितरण खंड 33/11 मुरादनगर डिवीजन की कार्यशैली को लेकर लगातार जनता की शिकायतें सामने आ रही हैं। कहीं ट्रांसफॉर्मर खराब होकर बिजली व्यवस्था ठप हो रही है तो कहीं एबीसी केबल में फॉल्ट के कारण लोग घंटों और कई-कई दिनों तक अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बार-बार शिकायतें की जाती हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता। कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर खराब होने के बाद उन्हें ठीक कराने या बदलने के बजाय अस्थायी व्यवस्था कर दी जाती है। कुछ ही समय बाद वही समस्या दोबारा सामने आ जाती है। खास बात यह है कि शुक्रवार को नगर के जिस क्षेत्र में मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पूर्व कैबिनेट मंत्री राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण करने एवं जनसभा को संबोधित करने के लिए आए थे उस क्षेत्र यानी गोपाल पूरम की बिजली की सप्लाई कई दिन से बाधित है, लोग भीषण गर्मी में अपने गर्मी से बिलखते बच्चों के साथ बिना बिजली के गर्मी और अंधेरे में रहने पर मजबूर हैं। इसी तरह नगर के वार्ड नम्बर दस की एबीसी लाइन के तार सालों से खराब पड़े हैं लेकिन सैंकड़ों शिकायतों के बावजूद विद्युत विभाग के अधिकारी इस कमी को दूर करने के लिए तैयार नज़र नहीं आरहे हैं। वार्ड दस के सभासद धर्मेंद्र ने प्रदर्शन के बीच बिजली फॉल्ट ठीक करने के लिए लाइन के तार बदलने के 2024, 2023, व उससे पहले के विद्युत विभाग के आर्डर के कागजात की कॉपी दिखा कर विद्युत विभाग की हठ धर्मी की पोल खोल कर रख दी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विद्युत विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही हैं, तो विद्युत विभाग द्वारा समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा? क्या अधिकारियों को किसी बड़े हादसे का इंतजार है? जनता का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई और शिकायतों के निस्तारण तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

अब देखना होगा कि विद्युत वितरण खंड 33/11 मुरादनगर डिवीजन के जिम्मेदार अधिकारी जनता की समस्याओं का संज्ञान लेते हैं या फिर शिकायतों की तरह यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।