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उत्तर प्रदेश

*बेसिक शिक्षा परिषद एवं हॉर्टिकल्चर फ्लॉरिकल्चर सोसाइटी द्वारा स्कूल न्यूट्रिशन गार्डन एवं कम्पोस्टिंग प्रतियोगिताओं का शुभारंभ*

*बेसिक शिक्षा परिषद एवं हॉर्टिकल्चर फ्लॉरिकल्चर सोसाइटी द्वारा स्कूल न्यूट्रिशन गार्डन एवं कम्पोस्टिंग प्रतियोगिताओं का शुभारंभ*

 बुलन्द संदेश  ब्यूरो


गाजियाबाद, (आशा चौधरी) 31 जुलाई 2026 विद्यालयों में पोषण, जैविक खेती तथा पर्यावरण संरक्षण की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेसिक शिक्षा परिषद, गाजियाबाद एवं हॉर्टिकल्चर फ्लॉरिकल्चर सोसाइटी (HFS) के संयुक्त तत्वावधान में स्कूल न्यूट्रिशन गार्डन (SNG) प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ किया गया।
प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ बेसिक शिक्षा अधिकारी  ओ. पी. यादव एवं मिड-डे मील (MDM) अधिकारी  टिंकू कंसल द्वारा प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन कर किया गया। इस अवसर पर तीन प्रतियोगिताओं की घोषणा की गई सरकारी विद्यालयों के लिए स्कूल किचन गार्डन प्रतियोगिता पब्लिक/निजी विद्यालयों के लिए स्कूल किचन गार्डन प्रतियोगिता
केवल सरकारी विद्यालयों के लिए कम्पोस्टिंग प्रतियोगिता इच्छुक विद्यालय 10 अगस्त 2026 तक निर्धारित गूगल फॉर्म भरकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।प्रतियोगिता के अंतर्गत विद्यालयों को अगस्त माह से 60 दिनों का समय अपने किचन गार्डन विकसित करने के लिए दिया जाएगा। अक्टूबर माह में विशेषज्ञ निर्णायक मंडल विद्यालयों का भ्रमण कर मूल्यांकन करेगा तथा नवंबर माह में विजेता विद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा।इस पहल का उद्देश्य बच्चों में अपना भोजन स्वयं उगाने, जैविक खेती अपनाने, कम्पोस्ट बनाने तथा संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता विकसित करना है। हॉर्टिकल्चर फ्लॉरिकल्चर सोसाइटी का मानना है कि गलत खान-पान की आदतों के कारण बढ़ रही कुपोषण की समस्या का समाधान स्कूल न्यूट्रिशन गार्डन जैसी पहल से किया जा सकता है।
सोसाइटी का संदेश है
"जो खाएं, उसे उगाएं और जो उगाएं, वही खाएं।"
विद्यालय अपनी उपलब्ध सुविधानुसार भूमि, गमलों/कंटेनरों अथवा छत (टेरेस) पर भी किचन गार्डन विकसित कर सकते हैं। हॉर्टिकल्चर फ्लॉरिकल्चर सोसाइटी सभी प्रतिभागी विद्यालयों को तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी ताकि प्रत्येक विद्यालय सफलतापूर्वक अपना पोषण वाटिका विकसित कर सके।इस अवसर पर अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रतियोगिता बच्चों में पोषण, पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भरता तथा जैविक खेती के प्रति रुचि उत्पन्न करेगी और उन्हें प्रकृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही यह अभियान विद्यालयों में "स्कूल न्यूट्रिशन गार्डन" की अवधारणा को जन-आंदोलन का रूप देने में सहायक सिद्ध होगा।