बुलन्द संदेश /ब्यूरो
लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ के कला मण्डपम सभागार में आज आयोजित 16वें दीक्षांत समारोह में बेटियों ने सर्वाधिक पदक प्राप्त कर अपना परचम लहराया। कुल पदक में लगभग 60 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को पदक हासिल हुआ। एमपीए की छात्रा कुंवारी श्वेता गुप्ता को सर्वाधिक 07 पदक प्राप्त हुए। इस अवसर पर 03 शोधार्थियों को पी0एच0डी0 की उपाधि भी प्रदान की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने की। उन्होंने मेधावियों को पदक वितरित किया और पदक विजेताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

दीक्षांत समारोह में श्वेता गुप्ता के बाद रूनझुन सिंह एमपीए (कत्थक) में 02 पदक, स्पर्श कुमार कश्यप एमपीए (गायन) में 04 पदक, वल्लरी नारायण पाठक को बीपीए (कत्थक) में 02, तनिष्का सक्सेना बीपीए (कत्थक) में 02, गार्गीराज गंगा बीपीए (कत्थक) में 01, जितेन्द्र कुमार शर्मा बीपीए (कत्थक) में 01, प्रिया बीपीए (भरतनाट्यम) में 01, आलोक कुमार मिश्र बीपीए (तबला) में 04, प्रशांत पाण्डेय व नितीश श्रीवास्तव को गायन में 01-01, प्रिया दूबे बीपीए (गायन) में 04, सुनंदा सिंह व वैशाली आनंद बीपीए (गायन) में 01-01 तथा आकांक्षा राय एमपीए (तबला) में 02 पदक प्रदान किया गया।
इसी प्रकार खुशी तिवारी, अमन कुमार यादव, आर्यन रावत, शिया राय एमपीए (कत्थक) में 01-01 पदक, दीप्ति सिंह एमपीए (भरतनाट्यम) में 03, नेहा काजी गिटार में 05, सर्वेश मणि त्रिपाठी एमपीए (गिटार) में 01 तथा करतुम्म तरैया एमडीए में 01 पद प्राप्त हुआ। इस तरह कुल 48 पदक मा0 मंत्री जी ने प्रदान किये। इसमें 30 स्वर्ण, 09 रजत तथा 09 कास्य पदक शामिल थे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय अपने शताब्दी वर्ष 1926 से वर्ष 2026 तक संगीत गायन, वादन, नृत्य एवं विभिन्न विधाओं में सराहनीय उपलब्धि हासिल की है। इसका इतिहास मैरिज कॉलेज ऑफ म्यूजिक से भातखण्डे संगीत महाविद्यालय होते हुए वर्ष 2022 में राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा देकर इसका सम्मान बढ़ाया है। शीघ्र ही नये विश्वविद्यालय परिसर का निर्माण 14 एकड़ भूमि पर लखनऊ के काकराबाद में किया जायेगा।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय सम्पूर्ण भारत का एकमात्र सांस्कृतिक एवं कलात्मक धरोहर है। विश्वविद्यालय में भारतीय कला, संस्कृति, शास्त्रीय संगीत, लोकगीत, नृत्य, नाट्य, मानविकी को संरक्षित तथा सांस्कृतिक विरासत को युवा पीढ़ी को पहुंचाने का कार्य कर रहा है। दीक्षांत समारोह मेधावी छात्रों के जीवन में विशेषज्ञता के साथ ज्ञान एवं संस्कार का एक चरण है। भविष्य में व्यवहारिक जीवन में चुनौतियों और अवसर दोनों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस विश्वविद्यालय से जो ज्ञान, कौशल और संस्कार प्राप्त किये हैं, वह आपको चुनौतियों से निपटने में दक्ष बनायेगें। समाज और राष्ट्र की सेवा में आपकी शिक्षा आपको वैभवशाली बनायेगी।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि आज जिन मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक प्राप्त हुए हैं। वह आगे चलकर भारत को विश्व गुरू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायंेगे। अपनी प्रतिभा से स्वयं की पहचान बनायेगे तथा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प के साथ जुड़कर अहम भूमिका निभायेंगे तथा इस विश्वविद्यालय का नाम पूरी दुनिया में रोशन करेंगे। मा0 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा यशस्वी मुख्यमंत्री योगी जी ने बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित किये हैं, जिसका परिणाम अब दिखाई देने लगा है। बेटियां जीवन के हर क्षेत्र में पुरूषों से कंधे से कंधा मिलाकर देश का मान ऊॅचा कर रही हैं। देश मोदी जी के नेतृत्व में 11वीं अर्थव्यवस्था से निकलकर अब विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। साथ ही उ0प्र0 बीमारू राज्य की छवि तोड़कर देश का ग्रोथ इंजन बना है। आगे आने वाले समय में एक खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था में उ0प्र0 का अहम योगदान होगा।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के प्रतिनिधि एवं विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम. बोबड़े ने उनके आशीर्वचन को पढ़कर सुनाते हुए पदक हासिल करने वाले मेधावियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने दो तीन दिन पूर्व भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि जनभवन की अपेक्षा है कि विश्वविद्यालय अपनी विकास यात्रा निरंतर जारी रखते हुए पूरे देश में अपना नाम रोशन करे। साथ ही विद्यार्थियों को उच्चगुणवत्ता के संस्कार तथा शिक्षा प्रदान करे। जनभवन के निर्देशों के अनुरूप विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक और पारस्परिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कठिंगरा, बेलवा, शक्कर खेड़ा, मलिहाबाद, काकोरी और सरोसा-भरोसा गांवों के स्कूलों में भी कक्षा-3 से कक्षा-12 तक के विजयी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
विश्वविद्यालय की कुलपति मांडवी सिंह ने विश्वविद्यालय के पठन-पाठन की गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पदमश्री पं0 कुंवार बोस ने पदक विजेताओं को अपने संस्कृति से जुड़े रहने तथा हिन्दुस्तानी संगीत को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, कुल सचिव एस0पी0 सिंह, प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पं0 साजन मिश्रा, प्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी तथा बड़ी संख्या में सम्मानित कलाकार छात्र-छात्रायें तथा उनके परिजन उपस्थित थे।


