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उत्तर प्रदेश

चेहल्लुम पर अजादारों ने किया खुद को लहूलुहान ,विभिन्न अंजुमनो ने किया मातम

चेहल्लुम पर अजादारों ने किया खुद को लहूलुहान ,विभिन्न अंजुमनो ने किया मातम

बुलन्द संदेश ब्यूरो

अमरोहा(डा.महताब अमरोहवी ) इमाम हुसैन के चेहल्लुम पर अजादारों जंजीरों में लगी छुरियों का मातम कर खुद को लहूलुहान कर लिया।नगर के अजाखानों से गमगीन माहौल में ताबूत भी बरामद हुए। फिजा में लब्बैक या हुसैन की सदाएं सुनाई दीं ,विभिन्न अज़ा खानों में अज़ादारों ने मातम करके अपनी अक़ीदत का इज़हार किया। जुलूस ने अपने निर्धारित रास्तों से होकर निकला। मातमी अंजुमन जुलूस में नौहा पढ़ती हुई चल रही थीं। इस क्रम में एक जुलूस सुबह आठ बजे बड़ा इमामबाड़ा मोहल्ला दानिशमंदान से निकला। ताजियों का जुलूस रेलवे लाइन पार सुबोध नगर स्थित कर्बला पहुंचा।वहीं मोहल्ला मंडी चौब स्थित सिब्तैन मंजिल से ताजिए का जुलूस निकला, जो दरबार-ए-कलां होता हुआ सबसे पहले मोहल्ला छेवड़ा पहुंचा। यहां से छेवड़े के ताजिए के साथ कटरा गुलाम अली में आकर मुख्य जुलूस में शामिल हो गया। सुबह अजाखाना बगला से चेहल्लुम का मुख्य जुलूस बरामद हुआ।जुलूस में ताजिए निकालें गए। जुलूस कोट चौराहा, चाहगोरी, शफातपोता, कटरा,गुजरी,त्रिपोलिया, नौबतखाना, जाफरी, करम अली खां, लकड़ा होता हुआ बिजनौर रोड स्थित कर्बला में जाकर संपन्न हुआ। यहां मरसिया पढ़ा गया।जुलूस में अन्य मोहल्लों से लगभग तीस ताजिए शामिल थे।

अंजुमन अब्बासिया की ओर से बाजार गुजरी और नौबतखाना में जंजीर का मातम किया। फिजा में या हुसैन या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। शहर के मर्सिया खान हसन इमाम,सिब्ते सज्जाद,मुदस्सिर अली खान, मोहम्मद अली अफ़ज़ाल, तबारक अली, महताब हसनैन, आसिफ़ निसार आदि ने छुन्नू लाल दिलगीर का मशहूर मरसिया...कैद से छूटकर जब सैय्यदे सज्जाद आए...पढ़ा। काजी गली स्थित अजाखाना मुसम्मात छज्जी से भी ताजिया उठाया गया। जो मोहल्ला जाफरी में जुलूस में शामिल हुआ। जुलूस का संचालन अंजुमन रजाकाराने हुसैनी ने किया। इस दौरान रजाकारान के काईद शाने मुज्तबा,जनरल सेक्रेटरी खुरशीद हैदर जैदी, नायब काईद शिराज़ ग़ालिब,गुलाम सज्जाद, सैयद मुज्तबा,रजा शमीम,इमदाद आब्दी, डॉ. चंदन नकवी, वसीम जैदी,मोहम्मद तकी हसन काजिम , हुसैन अब्बास संचालन कर रहे थे। वहीं व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी द्वारा मनोनीत की गई विशेष कमेटी के सदस्य ज़िया एजाज़, लियाक़त अली,बाकर रज़ा नक़वी,नदीम नकवी, शहज़ाद रज़ा, क़ासिम जैदी भी लगातार जुलूस की निगरानी करते नज़र आए।