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उत्तर प्रदेश

छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट में आरोपी को तीन साल की सजा

छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट में आरोपी को तीन साल की सजा

सरधना पुलिस की पैरवी पर अदालत ने सुनाया फैसला, दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

संवाददाता जावेद अब्बासी 

सरधना। नाबालिग से छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में अदालत ने आरोपी को तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह सजा सरधना पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद सुनाई गई।पुलिस के अनुसार, सात अक्तूबर 2019 को एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि ग्राम कालंदी निवासी सचिन उर्फ फुल्ला पुत्र सिपट्टर ने उसकी नाबालिग बेटी को रास्ते में रोक लिया। आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ और मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी।तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 342, 354 और 323 आईपीसी तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद चार दिसंबर 2019 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।ऑपरेशन कनविक्शन के तहत सरधना पुलिस ने मामले में लगातार प्रभावी पैरवी की। बुधवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, मेरठ की अदालत ने आरोपी सचिन उर्फ फुल्ला को दोषी करार देते हुए तीन साल के सश्रम कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।मामले में प्रभावी पैरवी प्रभारी निरीक्षक दिनेश प्रताप सिंह, कांस्टेबल वीरपाल सिंह और हेड कांस्टेबल इमरान खान ने की।