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उत्तर प्रदेश

छह घंटे की वार्ता के बाद माने किसान, सुबह सात बजे स्थगित हुआ कमिश्नरी घेराव

छह घंटे की वार्ता के बाद माने किसान, सुबह सात बजे स्थगित हुआ कमिश्नरी घेराव

अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन, लोड, खाद, गन्ना भुगतान और सड़कों समेत कई मुद्दों पर बनी सहमति

संवाददाता जावेद अब्बासी 

मेरठ। भारतीय किसान यूनियन के कमिश्नरी घेराव और महापंचायत के बाद किसानों और अधिकारियों के बीच करीब छह घंटे तक चली वार्ता के बाद बुधवार सुबह आंदोलन स्थगित कर दिया गया। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त भानु गोस्वामी की अध्यक्षता में अधिकारियों के साथ किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।

मंगलवार को कमिश्नरी के सामने आयोजित महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी पहुंचे थे। उन्होंने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के साथ वार्ता की मांग की थी। इसके बाद देर रात मंडलायुक्त ने किसानों को वार्ता के लिए बुलाया। बैठक में करीब 30 अधिकारी मौजूद रहे।

बिजली और खाद के मुद्दे पर बनी सहमति

वार्ता में बिजली के बढ़े हुए लोड की पिछले छह महीने के आधार पर जांच कर उचित मामलों में लोड कम करने की बात कही गई। पेनल्टी की धनराशि को सिक्योरिटी में जोड़कर बिल में समायोजित करने का आश्वासन दिया गया। ट्रांसफार्मर खराब होने पर दो से तीन दिन में बदलने और बिजली के तार चोरी होने पर एक सप्ताह के भीतर नए तार डालने की बात कही गई। किसानों की तहरीर पर तार और स्टार्टर चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए।खाद समितियों में खाद वितरण और ब्याज वसूली की जांच अपर मंडलायुक्त अमित कुमार को सौंपी गई। तीन प्रतिशत से अधिक ब्याज वसूली होने पर अतिरिक्त राशि वापस कराने का आश्वासन दिया गया। किसानों को नियमानुसार डीएपी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सीडीओ की निगरानी में सुनिश्चित करने की बात कही गई।

गन्ना भुगतान समेत कई समस्याओं पर आश्वासन

किनौनी चीनी मिल का बकाया भुगतान नए पेराई सत्र से दस दिन पहले कराने का आश्वासन दिया गया। किसानों की अन्य समस्याओं को शासन स्तर पर भेजने के लिए पत्र तैयार करने की बात भी कही गई।ग्रामीण क्षेत्रों की खस्ताहाल सड़कों को चालू वित्तीय वर्ष में बनवाने, जाटौली और नंगला ताशी में नाले का पुनर्निर्माण कराने, पांच तालाबों की सफाई कराने तथा लहरा गांव के तालाब में मछली पालन नहीं कराने का आश्वासन दिया गया। नारंगपुर आयुष्मान मंदिर में डॉक्टर की व्यवस्था और पशु चिकित्सालयों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात भी अधिकारियों ने कही।

सुबह किसानों के बीच पहुंचे अधिकारी

रात करीब साढ़े 12 बजे वार्ता समाप्त होने के बाद किसानों ने अधिकारियों से सभी घोषणाएं धरनास्थल पर करने की मांग की। इसके चलते सैकड़ों ट्रैक्टर और करीब एक हजार किसान रातभर कमिश्नरी के सामने डटे रहे।बुधवार सुबह करीब सात बजे अपर जिलाधिकारी शहर बृजेश सिंह और पुलिस अधीक्षक शहर विनायक गोपाल भोसले किसानों के बीच पहुंचे और वार्ता में तय बिंदुओं व आश्वासनों की जानकारी दी। इसके बाद जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।अनुराग चौधरी ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान तय समय में नहीं हुआ तो किसान दोबारा इसी ताकत के साथ कमिश्नरी पहुंचेंगे। इसके बाद किसानों ने टेंट हटाना शुरू कर दिया और करीब नौ बजे तक कमिश्नरी के सामने से किसान वापस लौट गए।इस दौरान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी,जगत सिंह, देशपाल,अनूप, सत्येंद्र, हर्ष चाहल, रामफल शर्मा,नरेश मवाना, मोनू टिकरी, सुनील, सत्ते, अभिषेक,महिपाल, जसबीर, मनोज आदि मौजूद रहे।