मेरठ में लूट और स्नैचिंग की घटनाओं की समीक्षा, अपराधियों पर नजर रखने के लिए ANPR कैमरों के इस्तेमाल पर जोर
बुलंद संदेश ब्यूरो:जावेद अब्बासी
मेरठ। मेरठ परिक्षेत्र के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बुधवार को मेरठ में पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध समीक्षा गोष्ठी की। इसमें लूट, स्नैचिंग और अन्य लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के साथ प्रतिदिन एक घंटे अपराधों की समीक्षा करें और पुरानी घटनाओं के खुलासे के लिए लगातार फॉलोअप करें।14 अक्टूबर को आयोजित गोष्ठी में एसपी सिटी विनायक गोपाल, एसपी क्राइम अवनीश कुमार, एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव और नगर सर्किल के क्षेत्राधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कानून-व्यवस्था मजबूत रखने, गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने को लेकर चर्चा की गई।
लुटेरों और जेल से छूटे अपराधियों पर रखें नजर
डीआईजी ने लुटेरों की सूची तैयार करने और चोरी व लूट के मोबाइल फोन की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेल से बाहर आए अपराधियों की निगरानी करने वाले बीट कांस्टेबलों के काम की समीक्षा की जाए। पुराने सक्रिय गैंगों का सत्यापन कर उनके सदस्यों और वर्तमान गतिविधियों की जानकारी भी अपडेट रखी जाए।उन्होंने यक्ष (YAKSH) ऐप के माध्यम से अपराधियों की निगरानी की समीक्षा करने, बार-बार अपराध करने वालों का सत्यापन सुनिश्चित करने और लापरवाही बरतने वाले बीट कांस्टेबलों की जिम्मेदारी तय करने को कहा। बीट प्रहरी ऐप पर जरूरी फोटो और सूचनाएं अपलोड कराने के निर्देश भी दिए गए।
ANPR कैमरों से अपराधियों की गतिविधियों पर नजर
डीआईजी ने अपराधियों की पहचान और उनके आवागमन की निगरानी के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने पर जोर दिया। चोरी हुए मोबाइल फोन के IMEI नंबर के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने और संबंधित थानों को सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। लूट और स्नैचिंग से जुड़े डायल-112 के मामलों की प्रतिदिन रिपोर्ट लेकर समीक्षा करने को भी कहा।
त्योहारों पर बाजारों और चौराहों पर रहेगी पुलिस की तैनाती
आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए। एसपी ट्रैफिक को विस्तृत ड्यूटी चार्ट तैयार करने और प्रमुख बाजारों, चौराहों तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर दिन-रात पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।डीआईजी ने स्पष्ट किया कि प्रमुख चौराहों पर 24 घंटे पुलिस की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए। यातायात पुलिसकर्मी अनुशासन और सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं, ताकि त्योहारों के दौरान लोगों को जाम और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े।


