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उत्तर प्रदेश

दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की सजा, 15 हजार रुपये जुर्माना

दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल की सजा, 15 हजार रुपये जुर्माना

ऑपरेशन कनविक्शन के तहत सरधना पुलिस की प्रभावी पैरवी से हुई सजा

संवाददाता जावेद अब्बासी 

सरधना। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत सरधना पुलिस और कोर्ट पैरोकार की प्रभावी पैरवी के चलते दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने आरोपी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।पुलिस के अनुसार, 8 मई 2022 को एक महिला ने थाना सरधना में तहरीर देकर ग्राम जुल्हैड़ा निवासी सुमित पुत्र चरन सिंह पर शादी का झांसा देकर करीब तीन साल तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी गाली-गलौज करने के साथ जान से मारने और घटना के बारे में किसी को बताने पर अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी भी देता था।तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक विजयपाल सिंह ने की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद विवेचना पूरी कर 6 दिसंबर 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देशन में सरधना पुलिस, अभियोजन पक्ष और कोर्ट पैरोकार ने मामले में लगातार प्रभावी पैरवी की। साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया गया।

इसके परिणामस्वरूप बुधवार को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट, मेरठ की अदालत ने आरोपी सुमित को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

प्रभावी पैरवी में इनकी रही भूमिका

मामले में प्रभारी निरीक्षक दिनेश प्रताप सिंह, पैरोकार कांस्टेबल वीरपाल सिंह और हेड कांस्टेबल इमरान खान की प्रभावी पैरवी रही।