बुलन्द संदेश/लायबा नूर
सम्भल को एमजीएम कॉलेज में गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद के नवीन सत्र के उद्घाटन के अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सचिन माहेश्वरी के संबोधन को नव प्रवेशित छात्र छात्राओं और शिक्षक शिक्षिकाओं को दिखाया गया उक्त उद्बोधन का जीवंत प्रसारण एलसीडी स्क्रीन पर दिखाया गया कुलपति के संबोधन को विश्विद्यालय परिक्षेत्र संभल,रामपुर,अमरोहा,मुरादाबाद और बिजनौर के नव प्रवेशित छात्र छात्राओं को दिखाया गया।कुलपति ने विश्वविद्यालय के ध्येय वाक्य विद्ययाऽमृतमश्नुते की चर्चा करते हुए कहा कि विद्या अमरत्व प्रदान करती है। उन्होंने विश्विद्यालय के विजन की भी चर्चा की और कहा कि परिवर्तनकारी शिक्षा का अग्रदूत बनने की आकांक्षा, ज्ञान, नवाचार और सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करते हुए विद्यार्थियों और संबद्ध संस्थानों को समग्र विकास और सतत् विकास की दिशा में सशक्त बनाना ही प्रमुख उद्देश्य है।हमारा मिशन है ,ऐसा शैक्षिक वातावरण विकसित करना जो परंपरा और आधुनिक प्रगति को जोड़ता हो,अंतरविषयक अनुसंधान,नैतिक नेतृत्व और वैश्विक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करता हो हमारा मिशन है कि समाज में उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण करें,जो बुद्धिमत्ता,सतत विकास और सामाजिक उन्नति के लिए प्रतिबद्ध हों उन्होंने छात्र छात्राओं से कहा कि विश्वविद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं है यह वह मंच है जहाँ आपकी प्रतिभा का विकास होता है, विचारों को उड़ान मिलती है, और जीवन के प्रति दृष्टिकोण निर्मित होता है।

यहाँ आप अपने व्यक्तित्व को गढ़ेंगे,मित्रता और सहयोग के नए रिश्ते बनाएंगे, और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाएँगे।हमारा उद्देश्य केवल आपको डिग्री प्रदान करना नहीं है,बल्कि आपको एक जिम्मेदार नागरिक,नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण व्यक्ति और समाज के प्रति संवेदनशील इंसान बनाना है।उन्होंने शिक्षकों से कहा कि छात्र छात्राओं को संस्कारवान,ज्ञानवान और अनुशासन प्रिय बनाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।उन्हें अध्ययन के प्रति रुचि सम्पन्न बनाकर नवाचार के लिए प्रेरित करें।महाविद्यालय के शैक्षिक वातावरण को पठन पाठन और शोध के लिए उत्कृष्ट कार्य करें।आज के इस लाइव प्रसारण का सफल आयोजन प्राचार्य प्रोफेसर डॉ योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ उन्होंने छात्र छात्राओं से कहा कि यह एमजीएम कॉलेज केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का भी माध्यम है। अनुशासन, परिश्रम,नैतिकता और निरंतर सीखने की भावना को अपनाएँ। अपने ज्ञान, प्रतिभा और संस्कारों से महाविद्यालय तथा समाज का गौरव बढ़ाएँ। आपके उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएँ।इस अवसर पर डा मोहम्मद अहमद,डा नवेद खान,डा अमृतेश अवस्थी,डा फहीम अहमद ,अनुज कुमार का सहयोग रहा। जिसमें समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं और नव प्रवेशित छात्र छात्राओं ने प्रतिभागिता की।


