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उत्तर प्रदेश

गुरु अज्ञान से प्रकाश की और ले जाते है: सतपाल जी महाराज

गुरु अज्ञान से प्रकाश की और ले जाते है: सतपाल जी महाराज

बुलन्द संदेश ब्यूरो

सद्भावना का विस्तार परिवार, गांव, नगर, जिला, प्रदेश, देश और अंततः पूरे विश्व तक होना चाहिए: सतपाल जी महाराज

 

मुरादनगर। ( नासिर मंसूरी) दिल्ली मेरठ रोड पर सतलोक आश्रम के श्री हंस इंटर कॉलेज में मंगलवार को दो दिवसीय गुरु पूजा महोत्सव पर संत्सग का आयोजन किया गया। जिसमें आध्यात्मिकी गुरु सतपाल जी महाराज ने प्रवचन दिए।

उन्होंने कहा कि जब कोई साधक समय पर सद्गुरु की शरण में आकर आत्मज्ञान प्राप्त करता है व उनकी आज्ञा के अनुसार साधना करता है। उन्होने कहा कि सनातन धर्म में गुरु का सर्वोच्च स्थान है। हमारे शास्त्रों में तत्वदर्शी महापुरुषों की वंदना और उनकी शरण में जाकर ज्ञान प्राप्त करने का उल्लेख मिलता है। ऐसे सद्गुरु के मार्गदर्शन में की गई साधना ही मानव जीवन का वास्तविक कल्याण करती है। उन्होंने कहा कि सद्भावना परिवार, गांव, नगर, जिला, प्रदेश, देश और अंतत: पूरे विश्व तक फैलनी चाहिए। हमारे ऋषि-मुनियों ने जाति, वर्ण, गोत्र और क्षेत्रवाद जैसी संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर समस्त मानवता के कल्याण का संदेश दिया है। इसके अलावा विभुजी महाराज ने कहा कि गुरु पूजा तभी सार्थक होती है जब साधक गुरु महाराज की आज्ञा का पालन करते हुए सेवा, ध्यान और साधना के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहे।