बुलन्द संदेश ब्यूरो
गाज़ियाबाद (आशा चौधरी) समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष देवव्रत धामा को CJP के जंतर-मंतर आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए प्रशासन ने मंगलवार रात से ही उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया। इसके बावजूद उन्होंने अपने साथियों को आंदोलन में भाग लेने के लिए जंतर-मंतर रवाना किया और स्वयं अपने आवास पर पूरे दिन लोकतांत्रिक विरोध स्वरूप धरने पर बैठे रहे।

हाउस अरेस्ट की सूचना मिलते ही दिनभर सैकड़ों समर्थकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों का देवव्रत धामा के आवास पर तांता लगा रहा। सभी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार की दमनकारी नीति की कड़ी आलोचना की।
इस अवसर पर देवव्रत धामा ने कहा कि लोकतंत्र में आवाज़ों को कैद किया जा सकता है, लेकिन जनआंदोलनों को नहीं। सरकार युवाओं और जनता की आवाज़ सुनने के बजाय विपक्ष को हाउस अरेस्ट कर लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास कर रही है। समाजवादी पार्टी अन्याय, दमन और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई हर हाल में लड़ती रहेगी।

हाउस अरेस्ट के दौरान देवव्रत धामा ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित कर CJP की प्रमुख मांगों का समर्थन किया। ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, आंदोलन में शामिल किसी भी युवा पर मुकदमा दर्ज न किए जाने, प्रधानमंत्री द्वारा युवाओं से माफी मांगने, सोनम वांगचुक की बिना किसी प्रतिबंध के रिहाई, पेपर लीक प्रकरण में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा तथा छात्रों के साथ कथित बर्बरता करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई। धरने के दौरान मुख्य रूप से ठेकेदार बादल कासिम, दीनू खान, कमलेश चौधरी, कृपाल सिंह यादव, सूरज चौधरी, उमर मलिक, राजेश जाटव, इस्लाम कस्सार, हरिओम त्यागी, किसान नेता गौरव त्यागी, राधेश्याम त्यागी, रिंकू त्यागी, मनवीर चौधरी, संदीप त्यागी, शौकीन खान, गुड्डू मलिक सहित बड़ी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।
समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर किसी भी प्रकार का पहरा स्वीकार नहीं किया जाएगा और जनता की आवाज़ को दबाने के हर प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से पुरज़ोर विरोध जारी रहेगा।


