बुलन्द संदेश ब्यूरो
नगर निगम द्वारा बढ़ाई गई हाउस टैक्स की नई दरों को निरस्त कर पुरानी दरों के आधार पर युक्तिसंगत वृद्धि के साथ हाउस टैक्स लागू किए जाने के संबंद आपके द्वारा प्रदेशवासियों के हित में यह घोषणा की गई थी कि पूरे उत्तर प्रदेश में हाउस टैक्स पुरानी दरों के आधार पर ही लिया जाएगा। किंतु अत्यंत खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि गाजियाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक एवं गाजियाबाद की महापौर सुनीता दयाल द्वारा आपकी मंशा एवं घोषणा के अनुरूप कार्य न करते हुए नई कर दरों को ही लागू रखा गया है। केवल आवासीय संपत्तियों के कर में आंशिक कमी कर औपचारिकता निभाई गई है, जबकि व्यावसायिक संपत्तियों पर बढ़ाए गए हाउस टैक्स में किसी प्रकार की कोई राहत नहीं दी गई है, हम सभी नागरिक एवं व्यापारी से हाउस टैक्स पुरानी दरों के आधार पर ही लिया जाए तथा आवश्यकता अनुसार उसमें 10 से 20 % तक युक्तिसंगत वृद्धि कर दी जाए, जिससे आम जनता एवं व्यापारी वर्ग पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।मुख्यमंत्री आपको यह अवगत कराना भी अत्यंत आवश्यक है कि गाजियाबाद में बढ़ाए गए हाउस टैक्स का विरोध केवल आम जनता एवं व्यापारियों द्वारा ही नहीं, बल्कि नगर निगम के सभासदगण, सांसद विधायकगण तथा प्रदेश सरकार के मंत्रीगण द्वारा भी व्यक्तिगत रूप से एवं नगर निगम बोर्ड की बैठकों में किया गया। बोर्ड बैठक में भी इस बढ़े हुए हाउस टैक्स का विरोध करते हुए प्रस्ताव को निरस्त कराया गया।इसके अतिरिक्त, महानगर उद्योग व्यापार मंडल, गाजियाबाद द्वारा भी समय-समय पर उपरोक्त सभी जनप्रतिनिधियों से भेंट कर इस जनविरोधी कर वृद्धि को वापस लेने का आग्रह किया गया। इसी क्रम में घंटाघर स्थित शहीद भगत सिंह चौक पर लगातार तीन दिनों तक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया, जिसे नगर निगम अधिकारियों द्वारा सकारात्मक समाधान का आश्वासन दिए जाने के उपरांत स्थगित किया गया।
इतना ही नहीं, माननीय विधायकगण कृमश माननीय अजीत पाल त्यागी जी एवं मा: संजीव शर्मा जी की उपस्थिति में नगर आयुक्त महोदय के साथ वार्ता भी हुई, जिसमें व्यापारी संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों ने पुरानी दरों के आधार पर युक्तिसंगत कर निर्धारण की मांग रखी। किंतु इन सभी प्रयासों, जनभावनाओं एवं जनप्रतिनिधियों के सुझावों की उपेक्षा करते हुए नगर आयुक्त एवं महापौर द्वारा लगभग 300 % तक बढ़ा हुआ हाउस टैक्स लागू कर दिया गया।इस निर्णय से गाजियाबाद की आम जनता, मध्यमवर्गीय परिवारों तथा व्यापारी वर्ग में अत्यंत आक्रोश एवं असंतोष व्याप्त है। यदि इस जनभावना की अनदेखी की जाती रही, तो इसका व्यापक सामाजिक एवं राजनीतिक प्रभाव पड़ सकता है तथा आगामी चुनावों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ने की पूरी संभावना है। अतः इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा लागू की गई नई हाउस टैक्स दरों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर, आपकी घोषणा के अनुरूप पुरानी दरों के आधार पर युक्तिसंगत वृद्धि के साथ नया कर निर्धारण लागू किए जाने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान करने की कृपा करें। इससे प्रदेश सरकार के प्रति जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा तथा गाजियाबाद में व्याप्त जनाक्रोश भी समाप्त होगा।

गोपीचंद प्रधान,अशोक चावला के अलावा यह लोग उपस्थित रहे,बिज मोहन सिंघल,के. पी. गुप्ता,गोपी चंद,
राजदेव त्यागी,अशोक चावला,सुनील,गोयल,राकेश स्वामी,अनुराग गर्ग सुनील गुप्ता,संजय गर्ग ,राकेश बबेजा,मनोज गर्ग,संजीव मित्तल विपिन गोयल ,सुधीर गोयल पंकज गुप्ता,संदीप गर्ग,वसीम अली,विकास अग्रवाल डॉ. हरीश शर्मा,नरेश अग्रवाल,प्रवीण,कुमार,हितेन्द्र शर्मा,संजीव गुप्ता,मित मनन,सुरेन्द्र चावला जयवीर सिंह. प्रदीप गर्ग. राजकुमार गर्ग. मुकेश शर्मा मनोज वोहरा. यशवर्धन गुप्ता विजय डिंगरा सतगुरुखविन्दर सिंह मुशीर मंसूरी अरुण कक्कड़ हर्ष बत्रा जुगल किशोर राकेश गुप्ता प्रदीप बंसल राजेश लोहिया राकेश कौशिक राकेश पचौरी, संजय नगर व्यापार मंडल से राजा त्यागी राजेंद्र गर्ग ठाकुर बबलू सिंह अश्विंदर अवस्थी प्रवेश गुप्ता एसपी सिंह सिसोदिया अवनीश त्यागी केके शर्मा रोहित चौधरी मिलन स्वीट्स निशा शूज सभी व्यापार मंडल के पदाधिकारी एवं व्यापरीकरण उपस्थित रहे


