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उत्तर प्रदेश

हजारों किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ घेरा कलेक्ट्रेट, एक माह में समाधान नहीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

हजारों किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ घेरा कलेक्ट्रेट, एक माह में समाधान नहीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

बुलन्द संदेश ब्यूरो

 

भाकियू के प्रदर्शन में खाद, गन्ना भुगतान, बिजली और भ्रष्टाचार के मुद्दे उठे, डीएम को सौंपा ज्ञापन

 

 

भाकियू के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन, खाद, बिजली, गन्ना भुगतान और भ्रष्टाचार समेत 210 मांगों का ज्ञापन सौंपा

 

 

संवाददाता: जावेद अब्बासी

 

 

मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय आह्वान पर मंगलवार को मेरठ में किसानों ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ हजारों किसान कमिश्नरी और कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने खाद की कमी, गन्ना भुगतान, बिजली, तहसीलों में भ्रष्टाचार, समितियों में अनियमितता और अमेरिका ट्रेड डील सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया।

कमिश्नरी चौराहे पर बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। बाद में भाकियू पदाधिकारियों ने स्वयं व्यवस्था संभालकर रास्ता सुचारु कराया। किसानों ने पहले मंडलायुक्त से मिलने की मांग की, लेकिन अधिकारी के समय पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द अधिकारी नहीं पहुंचे तो किसान कमिश्नरी परिसर में प्रवेश करेंगे। इसके बाद अपर मंडलायुक्त अमित कुमार किसानों के बीच पहुंचे और 210 समस्याओं से संबंधित ज्ञापन लिया।

इसके बाद किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां भी किसानों ने पंचायत कर जिलाधिकारी से वार्ता की मांग की। बाद में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से करीब एक घंटे तक वार्ता कर समस्याएं सुनीं।भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि किसान लंबे समय से खाद की कमी, गन्ना भुगतान में देरी, बिजली के बढ़े हुए लोड, तहसीलों और समितियों में भ्रष्टाचार, तालाबों और नालों की सफाई जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन को एक माह का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कमिश्नरी पर महापंचायत कर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

उन्होंने अमेरिका ट्रेड डील का भी विरोध जताते हुए कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए।

वार्ता के बाद किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम संयुक्त किसान मोर्चा का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा और भविष्य के आंदोलन की चेतावनी देते हुए शांतिपूर्वक प्रदर्शन समाप्त कर अपने-अपने घरों को लौट गए।इस दौरान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी,रामबोस, देशपाल हुड्डा,विनेश छुर,सत्येंद्र तालियान,नरेश मवाना,रामफल शर्मा,मेजर सुरेन्द्र,अनूप यादव,हर्ष चहल,इंद्रपाल, प्रिंस,बिट्टू, नीरज, मोनू,बबलू, सनी,प्रमोद,तपेश्वर, बीसी, प्रशांत त्यागी,बबलू गुर्जर,हरेंद्र नागर,डीके, विपुल, विनय,राजपाल,नवीन,विनोद,कृष्णपाल, ऋषिपाल,वीर सिंह आदि मौजूद रहे।