cbamazon
उत्तर प्रदेश

हसनपुर में तीन बहनों द्वारा एक ही लड़के से विवाह का चर्चित मामला निकला फर्जी  

हसनपुर में तीन बहनों द्वारा एक ही लड़के से विवाह का चर्चित मामला निकला फर्जी  

बुलन्द संदेश ब्यूरो

 

 अमरोहा (डा.महताब अमरोहवी) तहसील हसनपुर में तीन बहनों द्वारा एक ही लड़के से विवाह का चर्चित मामला फर्जी निकला। 

  सोमवार को बाल कल्याण समिति के सामने पेश हुईं तीनों लड़कियों ने बताया कि यह विवाह असल में एक सोशल मीडिया प्रैंक था। लड़कियों ने बताया कि वे सोशल मीडिया पर वीडियो बनाती हैं। विवाह का जो वीडियो वायरल हुआ था, वह केवल एक मजाक था।सोशल मीडिया पर अत्यधिक ट्रोल किए जाने के बाद, उन्हें सफाई देते हुए यह कहना पड़ा कि उन्होंने वास्तव में एक ही लड़के से विवाह किया है ।तीनों लड़कियों ने अब इस बात पर पछतावा व्यक्त किया है और माफ़ी मांगी है कि उन्हें यह फ्रैंक इतना लंबा नहीं चलाना था और सच्चाई जल्द ही सामने लानी थी।

दरअसल, तीन दिन पूर्व बाल कल्याण समिति अमरोहा के अध्यक्ष अतुलेश कुमार भारद्वाज ने मामले का संज्ञान लिया था।उन्होंने हसनपुर पुलिस को नोटिस जारी करते हुए बताया था कि इनमें से एक लड़की नाबालिग है।इसके बाद सोमवार को तीनों लड़कियां बाल कल्याण समिति के कार्यालय पहुंचीं।पूछताछ के दौरान, उन्होंने अपने विवाह को नकली बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने असलियत में विवाह नहीं किया ,बल्कि सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध होने के लिए यह प्रैंक किया था। तीनों बहनों ने यह वीडियो 17 जुलाई को बनाया था, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।हालांकि पहले युवतियों ने दावा किया था कि उन्होंने वास्तविक विवाह किया है, लेकिन अब सच्चाई सामने आ गई है।बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश कुमार भारद्वाज ने बताया कि नाबालिग युवती के बारे में जानकारी की जा रही है जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी उन्हों ने तीनों से लिखित ब्यान लिए हैं लेकिन मीडिया को कॉपी नहीं दी क्यूंकि उनके अनुसार यह गोपनीय दस्तावेज़ है। ज्ञात रहे कि इस संबंध में हसन पुर हिन्दू नेता मुकेश कुमार ने इस संबंध में कड़ी टप्पणी करते हुए इस को सनातन का अपमान बताया था। लोगों की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद हसनपुर कोतवाली पुलिस ने 23 जुलाई को चारों को कोतवाली बुलाया था और पूछ ताछ की थी जिस में सभी ने अपने आप को बालिग़ बताया था जबकि वास्तव एक युवती नाबालिग बताई जाती है। कोतवाली क्षेत्र के गांव धोरिया निवासी दो सगी बहनों देविका व छवि और उनकी मौसेरी बहन अलका (निवासी मेहरपुर, थाना रहरा) द्वारा एक ही युवक विकास उर्फ विक्कू (निवासी श्यामपुरी) से चामुंडा मंदिर में विवाह रचाने का मामला सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आया था । तीनों बहनें और विकास सोशल मीडिया पर रील बनाते हैं, जहाँ उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। विकास उर्फ़ विक्कु पिछले छह महीने से उनकी रील्स में पति का किरदार निभाता था।मंदिर में विवाह का वीडियो वायरल होने पर हिंदूवादी संगठनों ने सनातन परंपरा और मर्यादा का उल्लंघन बताकर विरोध जताया। इस पर बहनों ने जवाब देते हुए कहा,"पहले राजा दशरथ की भी तीन रानियां थीं।हमने किसी धर्म का अपमान नहीं किया है।हम सब बालिग हैं और अपनी मर्जी से खुश हैं।"वहीं, मंदिर प्रबंधक डॉ.शिवचरण दास ने बताया कि घटना के समय मंदिर में मरम्मत कार्य चल रहा था और कोई पुजारी मौजूद नहीं था।कथित विवाह किस ने कराया इसकी भी जानकारी की जा रही है।धार्मिक संगठनों के विरोध और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हरकत में आ गई थी। 23 जुलाई को हसनपुर पुलिस ने चारों को कोतवाली बुलाया था । वरिष्ठ उप निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि चारों को बुलाकर उनके बालिग/नाबालिग होने संबंधी दस्तावेज और स्थिति स्पष्ट करने सम्बन्धी लिखित में प्रार्थना पत्र लिया गया है,परन्तु उस दिन से इस लोगों ने कोतवाली को भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।अब मामला जिला बाल कल्याण समिति में विचाराधीन है।