बुलंद संदेश ब्यूरो
लखनऊ। राजधानी के विकासखंड माल अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अऊमऊ मे प्रधान और सचिव द्वारा विकास कार्यों में की गई अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत गांव के एक व्यक्ति ने जिला अधिकारी से की थी इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पांडे ने आज गांव पहुंचकर मनरेगा योजना अंतर्गत पिछले 4 साल में कराए गए पांच कार्यों का स्थलीय सत्यापन किया जहां झील की पुलिया से निहाल के खेत तक 2022-23 में निर्मित दिखाएं गए चक मार्ग का सत्यापन करने पर मौके पर अधूरा मार्ग मिला जिसके अभिलेख मांगे गए। इसी प्रकार 22-23 में मनरेगा योजना अंतर्गत ही लोधखेड़ा गांव के पास में हम अमृत सरोवर का कार्य कराया गया था जिसका नाम दुबरहा तालाब है लेकिन जो गेट बना है उसमें बेलहिया तालाब का निर्माण दिखाया गया है।

जबकि बेलहिया तालाब में कोई कार्य नहीं कराया गया है। प्रधान ने कहा कि हमने गाटा संख्या के हिसाब से काम कराया है जिसके जवाब में जांच अधिकारी ने दोनों तालाबों की गाटा संख्या के रिकॉर्ड की मांग की। इसी प्रकार कुछ अन्य चक मार्गो में भी अनियमितता की आशंका व्यक्त की गई। जांच का से सरकारी 16 और 17 जुलाई को किया जाएगा। इस मौके पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत सुनील कुमार सिंह, ग्राम पंचायत सचिव ग्राम प्रधान गंगाराम तथा शिकायतकर्ता विशाल अंबेडकर सही त ग्रामीण भी मौजूद थे।


