बुलन्द संदेश ब्यूरो
*नशे की रोकथाम हेतु कांवड़ यात्रा के दौरान चलाए जाएं विशेष अभियान : एडीएम (ई) ज्योति मौर्या*
गाजियाबाद (आशा चौधरी )जनपद में मादक पदार्थों (नारकोटिक्स) की बिक्री व तस्करी के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से एडीएम ई कार्यालय, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के निर्देशन पर एडीएम ई ज्योति मौर्या की अध्यक्षता में नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर की महत्वपूर्ण बैठक आहूत हुई। छात्र-छात्राओं के सुरक्षित एवं स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने विद्यालयों के आसपास नशे से संबंधित दुकानों के संचालन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि विद्यालयों के निर्धारित दायरे में किसी भी प्रकार की शराब, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों के समीप नशे की दुकानों का संचालन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे विद्यार्थियों के भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अतः ऐसे मामलों में संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि इस संबंध में नियमित निरीक्षण किया जाए तथा उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को एक सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण प्रदान किया जा सके।

एडीएम ई ने कहा कि श्रावण मास के चलते जनपद में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार, खरीद-फरोख्त और ड्रग ट्रैफिकिंग के विरुद्ध अभियान को और तेज करने की आवश्यकता है। जनपद में सतर्कता और इण्टेलिजेंस को बेहतर करना होगा एवं जनपद की अन्तर्राज्यीय सीमा पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जनपद के विकास और सुरक्षा की दृष्टि से सीमा प्रबन्धन अत्यन्त महत्वपूर्ण विषय है। इसे एक मुहिम का रूप देना होगा। उन्होने कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ ड्रग माफियाओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एडीएम सिटी ने सभी सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्यालयों, अस्पताओं सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता से सम्बंधित जो भी कार्य नियमानुसार किये जा सकते हैं, वे किये जाये। अभियान के तहल विद्यालय के समीप गुटका, सिगरेट आदि के क्रय—विक्रय पर पाबंदी लगाई जाएं। उन्होने कहा कि स्कूलों द्वारा नशा मुक्ति के अन्तरर्गत विद्यार्थियों से वाद विवाद, चित्रकला, स्लोगन, निबंध प्रतियोगिता सहित अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाये। उन्होने कहा कि कोडिन की गलत खरीद—फरोख्त पर पाबंदी लगाने हेतु प्रभावी कार्य किये जाएं। उन्होने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आदेशों के अनुपालन में उनके द्वारा की जा रही कार्यवाही से समिति को अवगत भी कराया जाएं।

उन्होने कहा कि आगामी कांवड़ यात्रा के दौरान नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन एवं सेवन की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। एडीएम (ई) ने निर्देश दिए कि जनपद में होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, सार्वजनिक स्थलों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच अभियान संचालित किए जाएं। नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। प्रदेश सरकार द्वारा भी कांवड़ मार्गों पर विशेष निगरानी एवं प्रतिबंधात्मक व्यवस्थाओं के निर्देश दिए गए हैं। एडीएम (ई) ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना मिले तो तत्काल प्रशासन अथवा पुलिस को अवगत कराएं, जिससे समयबद्ध कार्रवाई की जा सके।बैठक में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, नारकोटिक्स सेल, खाद्य विभाग, ड्रग इंस्पेक्टर, डीपीओ, समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, यातायात विभाग के अधिकारी/प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


