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उत्तर प्रदेश

*जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने 111 कुपोषित बच्चों को वितरित की पोषण पोटली**

*जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने 111 कुपोषित बच्चों को वितरित की पोषण पोटली**

बुलन्द संदेश ब्यूरो

 

*कुपोषण मुक्त बचपन से ही संभव है समृद्ध भविष्य : जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़*

 

गाजियाबाद (आशा चौधरी )जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ के निर्देशानुसार महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट गाजियाबाद में रामपुर कृषक फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड द्वारा 111 कुपोषित एवं कमजोर बच्चों को पोषण पोटली वितरित की गई। यह पहल जनपद में कुपोषण उन्मूलन एवं बच्चों के स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ द्वारा तीन माह पूर्व शुरू किया गया था। वितरित की गई पोषण पोटली में मीठा आहार, कुकीज,बिस्कुट, जैविक शहद, दलिया, मशरूम कॉर्न सूप, आंवला-गुड़ के लड्डू तथा आंवला-त्रिफला-जीरा जूस सहित विभिन्न पोषक तत्वों से युक्त खाद्य सामग्री सम्मिलित है, जो कुपोषित एवं कमजोर बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में सहायक होगी। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंशानुरूप प्रत्येक बच्चे को सुपोषित बनाने का कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने लाभार्थी बच्चों के अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि मानव संसाधन के समग्र विकास के लिए बच्चों का स्वस्थ एवं सुपोषित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत आहार से उपचार फाउण्डेशन के सहयोग से पोषण पोटलियों की व्यवस्था की गई है। जिन बच्चों का वजन एवं लंबाई आयु के अनुरूप नहीं है, उनके लिए सामान्य भोजन के अतिरिक्त पोषणयुक्त आहार अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक लाभार्थी बच्चे को छह माह तक प्रतिमाह पोषण पोटली उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही आहार से उपचार फाउण्डेशन, बाल विकास परियोजना अधिकारियों एवं मुख्य सेविकाओं द्वारा बच्चों की नियमित निगरानी की जाएगी तथा प्रत्येक 15 दिवस पर उनकी लंबाई एवं वजन का आकलन कर प्रगति का अभिलेखीकरण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जनपद के सभी कुपोषित एवं कमजोर बच्चों को सुपोषित बनाने के उद्देश्य से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। निर्धारित मानकों के अनुसार पोषण पोटली का नियमित उपयोग करने से बच्चों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार होगा। बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है, इसलिए उनका सुपोषित होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी विभाग द्वारा इस अभियान की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ, उपायुक्त उद्योग आशुतोष सिंह, आहार से उपचार फाउण्डेशन के प्रबंध निदेशक अमित कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीता चन्द्रा, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं मुख्य सेविकाएं उपस्थित रहीं।