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उत्तर प्रदेश

जंतर-मंतर जाने से पहले हाउस अरेस्ट नजरबंद किए जाने का आरोप,

जंतर-मंतर जाने से पहले हाउस अरेस्ट नजरबंद किए जाने का आरोप,

 बुलन्द संदेश ब्यूरो

बुलंदशहर (वसीम खाॅन)

गरीबों मजदूरों, किसानों और छात्रों की समस्याओं को लगातार उठाते रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना और शांतिपूर्ण विरोध करना संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है। भारतीय किसान जागरूक युवा संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमरीश भारद्वाज तथा जिला बुलंदशहर के जिला अध्यक्ष अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के काफिले के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना होने वाले थे। लेकिन पुलिस को इसकी सूचना मिलते ही अमरीश भारद्वाज जी को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट नज़रबंद कर दिया गया। क्या किसानों की आवाज़ उठाना अब अपराध बन गया है?
क्या शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करना भी अब सरकार को स्वीकार नहीं‌ लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। किसानों की आवाज़ को नज़रबंदी और दमन से दबाया नहीं जा सकता भारतीय किसान जागरूक युवा संगठन अन्याय के विरुद्ध हमेशा किसानों और युवाओं की आवाज़ बनकर खड़ा रहेगा। लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान किया जाना चाहिए तथा जनता की आवाज को दबाने के बजाय उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती और अंतिम निर्णय जनता के हाथ में होता है।