बुलन्द संदेश ब्यूरो
मोदीनगर (अनवर खान)। संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहलवान मुनेंद्र गुर्जर के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे कार्यकर्ताओं को गुरुवार सुबह तहसील के गांव मुरादाबाद के बाहर पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद पहलवान मुनेंद्र गुर्जर ने तहसीलदार रजत सिंह को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा और मांमले में हस्तक्षेप की मांग की।
ज्ञापन में संगठन ने संसद मार्च के दौरान छात्रों और आंदोलनकारियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, महिलाओं एवं बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करने तथा प्रदर्शन के दौरान घायल लोगों के निःशुल्क उपचार और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
इस दौरान पहलवान मुनेंद्र गुर्जर ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि जनहित से जुड़े आंदोलनों पर दमनात्मक कार्रवाई की जाती है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने मांगों पर शीघ्र निर्णय न होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी भी दी।
इस अवसर पर पहलवान मुनेंद्र गुर्जर के अलावा आनंद विकल, संजीव राणाजी, मोहित बैंसला, संदीप पहलवान, अमित भड़ाना, अनिल गुमी, नितिन गुर्जर, गजेंद्र मुदगलजी, अक्षय चौधरी, सतेंद्र शर्मा, विशेष गोपी सिंह, नवनीत बैंसला, प्रदीप नेहरा, प्रमोद राणाजी सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।


