बुलन्द संदेश ब्यूरो
गाजियाबाद(आशा चौधरी)
हिंडन नदी में बढ़ते जलस्तर को लेकर फैली आशंकाओं के बीच जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) अंजनी कुमार सिंह ने सिंचाई विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए), नगर निगम, जल निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ हिंडन बैराज एवं सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।निरीक्षण में पाया गया कि जीडीए और सिंचाई विभाग द्वारा हिंडन नदी व सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र से जलकुंभी तथा अन्य अवरोधों को युद्धस्तर पर हटाया जा रहा है। इसके चलते नदी का जल प्रवाह पूरी तरह सुचारु बना हुआ है और गाजियाबाद में जलस्तर लगातार घट रहा है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 19 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे हिंडन नदी का डिस्चार्ज 6,812 क्यूसेक दर्ज किया गया, जबकि हिंडन बैराज के डाउनस्ट्रीम का जलस्तर 200.60 मीटर है, जो खतरे के निशान से 4.48 मीटर नीचे है। ऐसे में वर्तमान समय में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।
हालांकि, मुजफ्फरनगर और बागपत समेत ऊपरी क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में स्थित कुछ कॉलोनियों और बस्तियों में सीमित जलभराव की स्थिति बनी है। राहत की बात यह है कि अपस्ट्रीम क्षेत्रों में भी जलस्तर लगातार कम हो रहा है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और सामान्य होने की उम्मीद है।संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। करहेड़ा स्थित कम्पोजिट विद्यालय में राहत शिविर तैयार किया गया है, जहां जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों के ठहरने की व्यवस्था रहेगी। शिविर में स्वच्छ पेयजल, मोबाइल शौचालय, चिकित्सा सुविधा, प्राथमिक उपचार और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को 24×7 सतर्क रहने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। हिंडन नदी के जलस्तर और मौसम की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी बदलाव की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


