बुलन्द संदेश ब्यूरो
- मेधावियों का सम्मान समाज को शिक्षा के प्रति करता है प्रेरित
गढ़मुक्तेश्वर (गुफरान अली)।
तहसील गढ़ स्थित मुस्लिम मुसाफिरखाना में रविवार को जमीयत उलेमा तहसील गढ़ के तत्वावधान में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 40 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
समारोह में विद्यार्थियों को शील्ड, प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों में शोयबा, शिफा, सोफिया, सारिया, इलमा, सिजा, फैजान, फैसल, मेहवीश, रिदा, महक, इफत, तसलीम, मेहक्शा, सादिया सहित कुल 40 छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना मोहम्मद अय्यूब ने की, जबकि शुभारंभ कारी शकील ने पवित्र कुरआन के तिलावत से किया। कारी मोहम्मद उस्मान ने नात-ए-पाक पेश की और कार्यक्रम का संचालन हिफ्जुर्रहमान कासमी ने किया।
मुख्य वक्ता डॉ. शुऐब ने कहा कि विद्यार्थियों का सम्मान उनकी मेहनत के साथ-साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों के समर्पण का भी सम्मान है।
मौलाना अलाउद्दीन ने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास और उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। मोहम्मद मजहर ने शिक्षा को सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए इसे समाज की तकदीर बदलने वाला माध्यम बताया।
अध्यक्षीय संबोधन में मौलाना मोहम्मद अय्यूब ने विद्यार्थियों से ईमानदारी, नैतिकता और निरंतर परिश्रम को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। हाजी आरिफ ने कहा कि आज के मेधावी छात्र-छात्राएं ही भविष्य में देश के आईएएस, आईपीएस और अन्य उच्च पदों पर पहुंचकर समाज का नेतृत्व करेंगे।
जमीयत उलेमा जिला हापुड़ के अध्यक्ष हजरत मुफ्ती फराहीम ने कहा कि जमीयत शिक्षा और नैतिक मूल्यों के प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी पहचान और संस्कारों को बनाए रखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
अंत में संरक्षक मौलाना कारी शौकत अली ने बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए बेहतर शिक्षण संस्थानों की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का समापन हाफिज मोहम्मद अली की दुआ के साथ हुआ।
इस अवसर पर मुफ्ती फराहीम, मौलाना नसीम अहमद, मौलाना शब्बीर अहमद, कारी शफीक अहमद, मौलाना मोहम्मद इकराम, मौलाना मुनव्वर, कारी मोहम्मद कमाल, कारी आलमगीर, मौलाना आजाद, मौलाना साद, मास्टर मोहम्मद इकबाल, मौलाना अज़हर, कारी सदाकत हुसैन, मुफ्ती नदीम अहमद, मुफ्ती अब्दुल खालिक, मास्टर मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद रिहान, सदीफ, मोहम्मद मजहर, मोहम्मद अनीस सहित बड़ी संख्या में उलेमा, शिक्षक, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।


