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उत्तर प्रदेश

काईट में आईबीएम और एलएंडटी के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से कराया रूबरू

काईट में आईबीएम और एलएंडटी के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से कराया रूबरू

बुलन्द संदेश /ब्यूरो

मुरादनगर। (नासिर मंसूरी) दिल्ली मेरठ रोड पर असालत नगर के निकट स्थित काईट डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के अंतर्गत आईबीएम (IBM) एवं लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के प्रतिष्ठित उद्योग विशेषज्ञों के साथ एक प्रेरणादायी इंडस्ट्री एक्सपर्ट सेशन का आयोजन किया। इस सत्र का उद्देश्य नवप्रवेशी इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं तथा निरंतर सीखने के महत्व से परिचित कराना था, ताकि वे अपने शैक्षणिक जीवन के आरंभ से ही उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।दिन की शुरुआत प्रातः 6:00 बजे से 7:00 बजे तक आयोजित योग एवं वेलनेस सत्र से हुई। इस सत्र का संचालन स्पोर्ट्स ऑफिसर मोना अग्रवाल एवं चंदन कुमार ने किया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं माइंडफुलनेस का अभ्यास किया। कार्यक्रम का शुभारंभ आईबीएम के उद्योग विशेषज्ञ राहुल बत्रा के प्रेरक व्याख्यान से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसी आधुनिक तकनीकों की परिवर्तनकारी भूमिका से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग केवल एक डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि नवाचार के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देने का अवसर है। इसके पश्चात आईबीएम के ही विशेषज्ञ रॉबिन त्यागी ने विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों और वैश्विक रोजगार बाजार में तेजी से बदलती कौशल आवश्यकताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने निरंतर कौशल उन्नयन (Upskilling), बहु-विषयक अधिगम (Interdisciplinary Learning) तथा उद्योगोन्मुख दक्षताओं के महत्व पर विशेष बल दिया। लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का प्रतिनिधित्व करते हुए ल अंकिता पाटिल ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण एवं औद्योगिक विकास में इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका से परिचित कराया। उन्होंने एलएंडटी की उत्कृष्ट इंजीनियरिंग विरासत का उल्लेख करते हुए व्यावहारिक ज्ञान, टीमवर्क, नैतिक नेतृत्व, नवाचार तथा गुणवत्ता आधारित कार्य संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। 

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से करियर के अवसरों, उभरती तकनीकों, उद्योग के वर्तमान रुझानों तथा व्यावसायिक विकास से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का विस्तार से समाधान करते हुए उन्हें प्रभावी संप्रेषण कौशल, अनुकूलन क्षमता, टीमवर्क, नेतृत्व, पेशेवर नैतिकता तथा निरंतर आत्म-विकास को सफल करियर की आधारशिला बताया। यह कार्यक्रम काईट डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी की उद्योग एवं अकादमिक जगत के बीच मजबूत सहयोग स्थापित करने की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को प्रारंभिक चरण से ही वास्तविक औद्योगिक परिवेश, आधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञों के अनुभवों से जोड़कर उन्हें ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास तथा व्यावसायिक दृष्टि से समृद्ध बना रहा है। ऐसे प्रेरणादायी उद्योग-अकादमिक संवाद विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक-आधारित वैश्विक दुनिया में सफल, सक्षम, नवाचारी एवं उत्तरदायी अभियंता बनने की दिशा में सशक्त आधार प्रदान करते हैं।