बुलन्द संदेश ब्यूरो
मुरादनगर। (नासिर मंसूरी) दिल्ली मेरठ रोड पर असालत नगर के निकट स्थित काईट मानद विश्वविद्यालय में शनिवार को आयोजित वार्षिक दीक्षांत समारोह-2026 में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU), लखनऊ के 2025 एवं 2026 बैच के 3,821 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों, पदक विजेताओं एवं विश्वविद्यालय रैंक धारकों को सम्मानित किया गया। समारोह का शुभारंभ अकादमिक शोभायात्रा से हुआ। इसके बाद ए.के.टी.यू. कुलगीत प्रस्तुत किया गया तथा काईट विश्वविद्यालय के निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. आदेश कुमार पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं गाज़ियाबाद के सांसद अतुल गर्ग, कुलपति प्रो. नागराज रामराव, प्रोफेसर-वाइस चांसलर डॉ. मनोज गोयल तथा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET), लखनऊ के निदेशक प्रो. वीरेन्द्र पाठक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रो. पाठक ने ए.के.टी.यू.के कुलपति के प्रतिनिधि के रूप में विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। इस अवसर पर काईट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के गवर्निंग बोर्ड के सदस्य सुनील पी. गुप्ता, जी.डी. जैन, ए.एन. गुप्ता, नीरज चौधरी एवं राकेश गोयल भी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कुलपति प्रो. नागराज रामराव ने कहा कि काईट ने एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज से विकसित होकर आज बहुविषयक मानद विश्वविद्यालय के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बी.टेक., बी.फार्म., एमबीए, एमसीए, एम.फार्म. एवं एम.टेक. कार्यक्रमों के 3,821 विद्यार्थी स्नातक बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित किया है तथा 10 से अधिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए हैं। साथ ही आईबीएम, एलएंडटी, एसएपी, एवं ईवाई इंडिया जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। उन्होंने कहा, "अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में काईट ने पिछले दो वर्षों में नेपाल, मिस्र, ट्यूनीशिया, तुर्की, जॉर्डन और रूस से 12 अंतरराष्ट्रीय इंटर्न्स की मेजबानी की है।

इससे न केवल विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव समृद्ध हुए हैं, बल्कि विश्वविद्यालय की वैश्विक शैक्षणिक पहचान भी मजबूत हुई है और विभिन्न देशों के बीच सार्थक शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा मिला है।" प्रो. रामराव ने बताया कि पिछले दो वर्षों में विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने 1,356 शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। इस दौरान 7 शिक्षकों को सी.वी. रमन पुरस्कार, 12 शिक्षकों को यंग द्रोणाचार्य पुरस्कार तथा 27 शिक्षकों को लॉन्ग सर्विस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने 1.78 करोड़ रुपये का सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट पैकेज प्राप्त किया। वहीं 2025 और 2026 बैच के विद्यार्थियों को माइक्रोसॉफ्ट, डेलॉयट, कैपजेमिनी, टीसीएसटेक, इन्फोसिस जैसी 350 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों से कुल मिलाकर 4600 प्लेसमेंट ऑफ़र मिले। उन्होंने विश्वविद्यालय के टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप और वित्तीय सहयोग प्रदान कर नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दे रहा है। दीक्षांत समारोह में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः ₹50 हजार, ₹40 हजार एवं ₹30 हजार की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। वहीं विश्वविद्यालय रैंक धारकों को ₹20 हजार देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि प्रो. वीरेन्द्र पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “डिग्री आपको अवसरों के द्वार तक पहुंचाती है, लेकिन आपकी पहचान आपके मूल्य तय करते हैं। जीवन में कभी भी ईमानदारी से समझौता न करें। हर चुनौती का साहस के साथ सामना करें, निरंतर सीखते रहें और अपने ज्ञान का उपयोग समाज के जीवन को बेहतर बनाने में करें।” गवर्निंग बोर्ड के सदस्य सुनील पी. गुप्ता ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, "आज की सफलता वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। जीवन में विनम्र बने रहें, उत्कृष्टता की ओर निरंतर बढ़ते रहें और सदैव यह याद रखें कि सबसे बड़ी उपलब्धि वही है, जो समाज के विकास में योगदान दे और दूसरों के लिए प्रेरणा बने।" समारोह के अंत में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के डीन डॉ. विनीत शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अतिथियों, गवर्निंग बोर्ड के सदस्यों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए विशेष रूप से प्रो. वीरेन्द्र पाठक का धन्यवाद किया, जिन्होंने स्नातक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया। वार्षिक दीक्षांत समारोह के माध्यम से विश्वविद्यालय ने न केवल अपने स्नातक विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव मनाया, बल्कि उद्योगोन्मुख, नवाचारी और सामाजिक रूप से उत्तरदायी नेतृत्व तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।


