बुलन्द संदेश/लायबा नूर
सम्भल।आयुक्त, राज्य कर, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशानुसार नगर के मोहल्ला ठेर स्थित बिहारी लाल प्रभात सर्राफ प्रतिष्ठान, में जनपद के सर्राफा व्यापारियों एवं बुलियन कारोबारियों के साथ जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों को वस्तु एवं सेवा कर (GST) व्यवस्था में हो रहे नवीन सुधारों से अवगत कराना, कर अनुपालन को अधिक सरल एवं सुगम बनाना तथा विभाग एवं व्यापारिक समुदाय के मध्य पारस्परिक संवाद एवं विश्वास को सुदृढ़ करना था।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों द्वारा उपस्थित व्यापारियों को GST 2.0 के अंतर्गत किए जा रहे सुधारों, सरलीकृत कर अनुपालन व्यवस्था, जीएसटी पोर्टल की नवीन सुविधाओं, समयबद्ध रिटर्न दाखिल करने की अनिवार्यता, ई-इनवॉयस, ई-वे बिल तथा अन्य महत्वपूर्ण वैधानिक प्रावधानों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही व्यापारियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों एवं व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करते हुए विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन एवं तकनीकी सुविधाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
संवाद कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने राज्य कर विभाग की इस सकारात्मक एवं जनहितैषी पहल की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विभाग एवं व्यापारिक समुदाय के मध्य विश्वास, पारदर्शिता तथा सहयोग की भावना को और अधिक सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कर संबंधी समस्त वैधानिक प्रावधानों का पूर्ण निष्ठा के साथ अनुपालन करने तथा राजस्व संवर्धन में विभाग को निरंतर सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम में सर्राफा कमेटी, सम्भल के अध्यक्ष नरेन्द्र अग्रवाल, प्रमुख सर्राफा व्यापारी प्रभात सर्राफ, रूपेश सर्राफ, प्रवीण वर्मा, कुलदीप ऐरन, सुनील अग्रवाल, अनिल रस्तौगी सहित जनपद के अनेक प्रतिष्ठित सर्राफा व्यापारी एवं बुलियन कारोबारी उपस्थित रहे। इस मौके पर राज्य कर विभाग, सम्भल की ओर से उपायुक्त बीरेंद्र कुमार, उपायुक्त (प्रशासन) लल्लन प्रसाद यादव, राज्य कर अधिकारी इंद्रजीत सिंह तथा ऋषिपाल सिंह ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए व्यापारियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा कर अनुपालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान किया।
अंत में विभाग द्वारा सभी उपस्थित व्यापारियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे संवाद कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई, जिससे करदाताओं एवं विभाग के मध्य सहयोग, विश्वास तथा पारदर्शिता का वातावरण और अधिक सुदृढ़ हो सके।


