बुलन्द संदेश ब्यूरो
गाज़ियाबाद (आशा चौधरी) 26 जुलाई 2026 , कारगिल चौक , वैशाली सेक्टर 6 , गाज़ियाबाद - आज यहाँ राष्ट्रिय सैनिक संस्था के जिला मुख्यालय के पास कारगिल चौक पर हेलमेट से ढकी उल्टी राइफल और छतरी के प्रस्तावित निर्माण का शिलान्यास मुख्य अतिथि माननीय सभासद श्री नरेश भाटी जी द्वारा किया गया lउन्होंने कहा की गाज़ियाबाद में बड़ी महाविभूतियों की प्रतिमाये स्थापित की गई है | तरह तरह के चोक का निर्माण किया गया है l कारगिल चोक की कमी थी l

मुझे ख़ुशी है की मुझे वैशाली के इस सेक्टर 6 में कारगिल चोक पर कारगिल के शहीदों के नाम में एक प्रतीक चिन्ह निर्माण का शिलान्यास करने का अवसर प्राप्त हो रहा है | कारगिल चौक की स्थापना से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी lयह कारगिल चौक देश प्रेम , राष्ट्रिय एकता और चरित्र निर्माण का सन्देश देगा lअर्वाचीन पब्लिक स्कूल वसुंधरा के संस्थापक श्री अभिनव जी ने स्वेच्छा से सम्पूर्ण आर्थिक सहयोग देने का संकल्प लिया है lशिलान्यास कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और राष्ट्रिय सैनिक संस्था के राष्ट्रिय अध्यक्ष वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने कहा की कारगिल युद्ध सबसे ज्यादा मुश्किल और जोखिम भरा युद्ध था | दुश्मन 5 हजार मीटर की उंचाई पर था और हम जमीन पर | ऊपर जाने का कोई रास्ता नहीं था , पहाड़ो पर घने पेड़ भी नहीं थे , यानी कवर भी नहीं था और शुरू में तो एयर सपोर्ट भी नहीं था | दुश्मन के बंकर की सही लोकेशन भी पता नहीं थी | केवल अनुमान था | इसके बाद भी भारतीय सिपाही ने जो शौर्य दिखाया है वह प्रशंसा और शौर्य की सारी सीमाओं से परे है | इसलिए हम ना टूटने वाली श्रंखला में राष्ट्रीय एकीकरण और चरित्र निर्माण पर लगातार कार्य कर रहे है जिनका प्रारम्भ होता है अपने शहीदों की कुर्बानियों को याद करने से | कारगिल चोक इस याद को ताजा रखेगा lराष्ट्रिय सैनिक संस्था की गाज़ियाबाद इकाई के जिलाध्यक्ष गौरव सेनानी ज्ञान सिंह ने बताया की आज का दिन युवाओं के लिए देश भक्ति , कर्तव्यनिष्ठा , अनुशासन और इमानदारी सीखने का दिन है l आज स्थिति ये है की देश में कोई किसी पर यकींन नहीं करता | अगर कोई अच्छा काम भी करे तो दूसरो को लगता है की इसमें कोई ना कोई घुंडी होगी l केवल; फौज एक ऐसी संस्था बची है जिस पर विशवास किया जा सकता है

lइस अवसर पर गौरव सेनानी चन्दन सिंह , गणेश दत्त , डी के दास , राजेन्द्र त्रिपाठी , भुवनेश्वर पांडे जी , पुष्कर भिस्ट , अजय सिंह , सहदेव तोमर , भीम सिंह , बंसी धर गोरेला , श्रीमती प्रीति सिंह एवं अन्य सभी उपस्थित सदस्यों ने अपने अपने शब्दों में कहा की जैसे हम अपने ऋषि मुनियों का श्राद्ध मनाते हैं इसलिए की उनसे हमे प्रेरणा मिलती है ऐसे ही हमे अपने शहीद सिपाहियों का भी संयुक्त श्राद्ध मनाना चाहिए जिनकी वजह से हमारा अस्तित्व बचा हुआ है lयह श्राद्ध हम कारगिल चोक पर मनाएंगे l


